राबर्ट्सगंज में फ्लाईओवर पर करीब आठ माह पूर्व हुए हादसे में तीन युवकों और एक अज्ञात युवती की मौत के मामले की जांच एक बार फिर शुरू हो गई है। मिर्जापुर क्राइम ब्रांच तीन सदस्यीय टीम ने राबर्ट्सगंज में आकर मामले की जांच की। फ्लाईओवर पर घटनास्थल और मृतकों के परिवार वालों से पूछताछ की। कोतवाली पहुंचकर घटना के बारे में जानकारी ली और जली हुई बाइक की तस्वीर ली।
दोपहर करीब 12 बजे राबर्ट्सगंज आए मिर्जापुर क्राइम ब्रांच के राजेश सिंह ने मृतक दीपू राठौर की मां किशोरी देवी से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। किशोरी ने राबर्ट्सगंज के कुछ युवकों पर आशंका जाहिर की। टीम उनसे एक युवती की फोटो भी मांगी । मृतक रोहित सिंह के चाचा लाल बहादुर सिंह से भी वार्ता की। उनसे घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली और घटना के आशंका के बारे में भी पूछा। दोनों परिवारों से वार्ता करने के बाद एसआई ने मृत दीप राठौर के भाई अनिल कुमार सिंह के साथ फ्लाईओवर पर पहुंचे। राबर्ट्सगंज कोतवाली में पहुंचकर जली हुई बाइक और ट्रक के गिरे हुए सेफ्टी गार्ड की तस्वीर ली। टीम के मुखिया राजेश प्रताप सिंह ने बताया घटना की जांच में प्रथम दृष्टया कोई सबूत नहीं मिला है।
जल्द ही कई अन्य बिंदुओं, सर्विलांस आदि को लेकर जांच की जाएगी। बता दें कि राबर्ट्सगंज में करीब आठ माह पूर्व फ्लाईओवर पर बढ़ौली चौराहे के समीप देर रात में एक बाइक पर सवार तीन युवक और एक अज्ञात युवती की संदिग्ध रूप से जलकर मौत हो गई थी।
घटना में दीपू सिंह राठौर, रोहित सिंह और प्रणव सिंह के साथ ही एक अज्ञात युवती भी जलकर मर गई थी। इसमें से प्रणव की मौत वाराणसी में उपचार के दौरान हुई थी जबकि अन्य तीन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। घटना में मृत युवती की अब तक पहचान नहीं हो सकी। इससे मामला और संदिग्ध हो गया। मामले के खुलासे की मांग को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने कई बार धरना-प्रदर्शन किया लेकिन बाद में मामला पूरी तरह से दब गया।