नवसृजित करमा ब्लॉक में न्याय पंचायत बट-बंतरा और मधुपुर को शामिल करने के राज्य सरकार के फैसले का विरोध सपाइयों ने ही शुरू कर दिया है। सपा के एक फ्रंटल संगठन के पूर्व अध्यक्ष समेत तमाम नेताओं और अन्य विभिन्न दलों के लोगों ने सर्वदलीय संघर्ष समिति तैयार कर सरकार के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को इस मोर्चा के लोगों ने कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया और राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर दोनों न्याय पंचायतों को राबर्ट्सगंज ब्लॉक में शामिल करने की मांग की है।
दशकों से करमा को ब्लॉक बनाने की मांग राज्य की सपा सरकार ने पूरी कर दी लेकिन नव सृजित करमा ब्लॉक के सीमांकन को लेकर सपा से जुड़े लोगों ने विरोध जताना शुरू कर दिया है। जिस दिन न्याय पंचायत बट-बंतरा और मधुपुर के लोगों को यह जानकारी हुई कि उन्हें करमा ब्लॉक में शामिल किया गया है, उसी दिन से उनका विरोध शुरू हो गया था। लेकिन शनिवार को क्षेत्रीय लोगों ने सपा नेताओं समेत अन्य दलों के नेताओं के साथ मिलकर सर्वदलीय संघर्ष समिति का गठन किया और फिर मांग पूरी होने तक आरपार की लड़ाई का एलान कर दिया।
समिति के लोगों ने शनिवार को ही मांग के समर्थन में कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। नेताओं का कहना है कि मधुपुर से करमा जाने का रास्ता काफी टेढ़ा व अव्यवस्थित है। आवागमन में पैसे की बर्बादी के साथ समय की भी बर्बादी होगी, क्यों कि जिला मुख्यालय के सारे कार्य राबर्ट्सगंज से ही होते आ रहे हैं। ऐसी दशा में बट-बंतरा को करमा ब्लॉक से जोड़ना घोर अन्याय है। इसका सभी लोग विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शन करने वालों में डा. अरुण कुमार राय, सुदामा सिंह कुशवाहा आदि रहें।