संत रविदास जयंती मंगलवार को जगह-जगह मनाई गई। घोरावल के ओदार गांव में मेले और गोष्ठी का आयोजन किया गया। कई अन्य जगहों पर हुई गोष्ठी में संत रविदास के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा की गई।
उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान रविदास की झांकी भी निकाली गई। इस मौके पर संत रविदास के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया।
ओदार गांव में रविदास जयंती पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। यहां आसपास के ग्रामीणों ने रविदास की झांकी निकाली और रविदास के जयकारे लगाते हुए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।
ओबरा संवाददाता के मुताबिक उप्र राज्य विद्युत परिषद अनुसूचित जाति/ जनजाति कर्मचारी कल्याण समिति के बैनर तले बुद्ध बिहार के प्रांगण में संत रविदास जी की जयंती मनाई गई।
वक्ताओं ने कहा कि संत रविदास सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करने एवं चेतना जागृत करने के साथ ही प्रताड़ित महिलाओं के सम्मान के लिए आर्य नीतियों का भंडाफोड़ किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से रविश कुमार, अभय कुमार, इं. नंदलाल प्रसाद, इं. संग्राम प्रसाद, इं. चंद्रमा प्रसाद, इं. छोटेलाल, हीरालाल सायन, योगेंद्र प्रसाद आदि उपस्थित रहे।
घोरावल प्रतिनिधि के अनुसार यहां हुई सभा में यूपी सरकार के पूर्व राज्यमंत्री कमलाशंकर भारती ने कहा कि संत रविदास सही मायने में आजादी के सच्चे नायक थे। हमारे पूर्वजों, देश के दलितों ने तेहरी गुलामी झेली।
मुगल, सामंतों ने गैर बराबरी का भाव रखे। संत, महात्माओं के आदर्शों का अनुकरण करके ही हम समाज में भेदभाव की भावना से ऊबर सकते हैं।
पूर्व विधायक परमेश्वर दयाल ने कहा कि जाति, वर्ग और समुदाय से ऊपर उठकर मन की स्वच्छता, सदचरित्रता और ऊंचे आदर्श जैसे मानदंडों की स्थापना करने वाले संत शिरोमणि का माघी पूर्णिमा को मनाया जाने वाला पर्व सही मायने में सामाजिक समरसता का अर्थ बयान करता है।
भगवानदास भारती ने अगले वर्ष यहां दो शहीदों की प्रतिमा लगवाने का ऐलान किया। राजकुमार संघर्षी और राजेश भारती ने संत शिरोमणि के जीवनवृत्त को रेखांकित किया।
जिला पंचायत सदस्य प्रीतम गिरि, सुरेंद्र मौर्य, नंदलाल भारती, रामलाल भारती ने दलित, वंचित समाज को जागरूक करने पर जोर दिया। इस मौके पर कमलेश भारती, रामअवध कुशवाहा, शंभूनाथ भारती, शिवशंकर राव, जयराम भारती, नंदलाल आर्य, सुरेश, अमृतलाल मौजूद रहे।
दुद्धी प्रतिनिधि के अनुसार अनुसूचित जाति, जनजाति अधिकारी, कर्मचारी परिषद की ओर से मंगलवार को डीसीएफ कालोनी में संत रविदास की जयंती मनाई गई।
इस दौरान उनके व्यक्तित्व पर चर्चा की गई। उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। इस मौके पर शिववेनी प्रसाद, अवधेश कुमार कन्नौजिया, नीरज कुमार कन्नौजिया, जुगुल किशोर, कामता प्रसाद, बालचंद्र राम मौजूद रहे।
करमा प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के मोकरसिम और बहेरा गांव में संत रविदास की जयंती मनाई गई। दोनों जगहों पर भजन कीर्तन का आयोजन हुआ।