स्थानीय थाना क्षेत्र के रासपहरी में गुरुवार को विस्फोट में आठ श्रमिकों की मौत के बाद शुक्रवार को पूरी तरह से काम बंद रहा। खदानें सूनी पड़ी रहीं। उधर खान सुरक्षा निदेशालय और आतंकवादी निरोधक दस्ता की टीमों ने घटना स्थल का निरीक्षण किया।
इस दौरान इन जांच टीमों को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। जांच टीमों के आने पर लोगों ने नारेबाजी की और घटना की जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
रासपहरी में गुरुवार को हुए हादसे के बाद जहां खदान क्षेत्र में शुक्रवार को काम पूरी तरह से बंद रहा वहीं राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों को विरोध प्रदर्शन का भी मौका मिल गया।
शुक्रवार को एक भी खदान पर खनन का कार्य नहीं हुआ। मशीनों का शोर पूरी तरह से थमा रहा। उधर शुक्रवार को दोपहर में लखनऊ खान सुरक्षा निदेशालय, आतंक निरोधक दस्ता और खनन टीम ने घटना स्थल का दौरा कर विस्फोट के मामले की जांच की।
लखनऊ खनन निदेशक एसके राय के निर्देश पर जांच करने पहुंचे जिले के पूर्व खान अधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि पूरे घटना क्रम की जांच बारीकी से की जा रही है।
इसकी रिपोर्ट जल्द ही खनन निदेशक को सौंपी जाएगी। कहा कि जो भी कार्रवाई होगी वह उच्चाधिकारियों के आदेश पर अमल में लाई जाएगी। वहीं जिला कार्यालय की सूचना पर खान सुरक्षा निदेशालय वाराणसी परिक्षेत्र के डायरेक्टर यूपी सिंह ने घटना स्थल पर बताया कि सुरक्षा मानकों सहित विस्फोट की जांच के साथ पूरे घटना क्रम व विस्फोट के कारणों की जांच रिपोर्ट बनाकर जिला कार्यालय को जल्द दी जाएगी।
कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके ऊपर जिला कार्यालय से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके पूर्व आतंक निरोधक दस्ता की टीम ने आईजी एटीएस राम कुमार के निर्देश पर घटना स्थल का मुआयना किया।
टीम में आए पूर्वी जोन वाराणसी के सब इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह ने बताया कि विस्फोट के सभी पहलुओं सहित उसकी क्षमता व विस्फोट की मात्रा तथा विस्फोट का रूप की रिपोर्ट आईजी कार्यालय को सौंपी जाएगी।
उधर जब जांच टीम मौके पर पहुंची तो वहां मौजूद भाजपा नेता धर्मवीर तिवारी समेत अन्य ने विरोध में नारेबाजी की और खनन क्षेत्रों में अक्सर होने वाले हादसों को लेकर नाराजगी जाहिर की। हालांकि लोगों के इस विरोध के बावजूद टीम ने जांच की।