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रामवृक्ष हत्याकांड: दोषियों को पांच-पांच साल की कैद

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सोनभद्र। अपर सत्र न्यायाधीश/ एफटीसी कोर्ट नंबर 23 राहुल मिश्रा की अदालत ने शनिवार को रामवृक्ष हत्याकांड में दोष सिद्ध पाकर दोषियों महाबीर, शिवकुमार, शिवनाथ एवं गोभी को पांच-पांच साल का सश्रम कारावास एवं 11-11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं अर्थदंड न देने पर एक-एक साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के गोहड़ा टोला छापी पहाड़ी निवासी अयोध्या ने तहरीर में आरोप लगाया था कि पुश्तैनी जमीन के बंटवारे का विवाद 15-20 साल से उसके चाचा महाबीर से चला आ रहा था। जब उसका भाई बालरूप जीप से 2 सितंबर 2007 को दुद्धी जा रहा था तो उसे रास्ते में महाबीर तथा बिहारी मिलकर गाली गलौज किए एवं मारा पीटा। तीन सितंबर 2007 को वह अपने पिता रामवृक्ष, बालरूप, शिवप्रसाद, भगवान दास के साथ घर जा रहे थे तभी शाम चार बजे भिसुर गांव पहुंचे तो वहां पर चाचा महाबीर, शिवकुमार, शिवनाथ, बिहारी एवं गोभी भाला एवं लाठी डंडा लेकर उन लोगों को मारने लगे। जिससे काफी चोटें आई। चोट की वजह से पिताजी घर की ओर भाग गए। लोगों के आने पर अभियुक्तगण भाग गए। दवा-इलाज कराने दुद्धी पहुंचे रामवृक्ष की 4 सितंबर को मौत हो गई। इस पर महिला थाने में एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की गई। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने दोषसिद्ध पाकर दोषियों महाबीर, शिवकुमार, शिवनाथ एवं गोभी को 5-5 साल का सश्रम कारावास एवं 11-11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दोषियों को एक-एक साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं दोषी बिहारी न्यायालय में हाजिर नही आया तो उसके विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया है। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक धनंजय शुक्ला ने बहस की।
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