फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonebhadra News: एनसीएल के तौल कांटे में पहले भी हुई है सेंधमारी, शुरू हुई जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
एनसीएल की कोयला खदानों में इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे में छेड़छाड़ कर कोयला निकासी में हेराफेरी का दूसरा मामला सामने आने से कोल प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है। दूसरी तरफ पुलिस नामजद आरोपियों के सहारे मुख्य साजिशकर्ता तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
विज्ञापन


हालिया मामले को एनसीएल के एक अधिकारी ने उजागर किया। इसी अधिकारी की तहरीर पर वेब्रिज (तौल कांटा) की मरम्मत के नाम पर पहुंचे निजी कंपनी की तकनीकी टीम के दो नुमाइंदों समेत कंपनी के प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की है। पुलिस की निगाह दुद्धीचुआ खदान से निकलने वाले वाले कोयले की मात्रा व बड़े उपभोक्ताओं पर है। बताया जा रहा है कि यहां से सबसे अधिक कोयला निजी पावर प्लांट को जाता है। ट्रक-ट्रेलर के जरिये निकलने वाले कोयले का कांटे पर तौल किया जाता है। इसके बाद यह कोयला वार्फवाल (रेल रैक लोडिंग पाइंट) व रोड सेल के तहत तय गंतव्य तक पहुंचता है। रेल रैक के जरिये निकलने वाले कोयला का अलग से वजन किया जाता है। इसी तरह रेल रैक व ट्रक-ट्रेलर से निकले कोयले का मिलान कराया जाता है। इसी व्यवस्था में कोयला कारोबारी सेंधमारी की कोशिश करते हैं। इससे पहले एनसीएल बीना में तीन साल पूर्व इसी तरह का मामला उजागर हुआ था। इस मामले की एनसीएल की विजिलेंस टीम ने जांच की थी और टीम की रिपोर्ट के आधार पर एक डिप्टी मैनेजर व दो कर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। दुद्धीचुआ में कोयला तौल प्रक्रिया से छेड़छाड़ की नई साजिश उजागर होने के बाद उच्च प्रबंधन वेब्रिज (तौल कांटा) के कार्य करने व इसके ऑपरेशन से जुड़े कर्मियों से संबंधित कार्यों की नए सिरे से समीक्षा शुरू कर दी है। बता दें कि एनसीएल दुद्धीचुआ की वेब्रिज की मरम्मत के लिए पहुंचे जिन दो इंजीनियरों से संदिग्ध चिप और रिमोट डिवाइस मिली है, वह दोनों मध्यप्रदेश के निवासी हैं। कंपनी के प्रबंधक का निवास भी मध्य प्रदेश बताया जा रहा है। एनसीएल अधिकारी अभय कुमार चौधरी की तहरीर पर पुलिस ने इंजीनियर श्रवण कुमार वैश्य, सांत्वन कुमार शाह और फर्म के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदीप सोनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है। आरोप है कि दुद्धीचुआ खदान की खराब वेब्रिज-तीन को ठीक करने पहुंचे इंजीनियरों के पास से एक चिप और रिमोट मिला। जांच में डिवाइस को वेब्रिज के लोड सेल में लगाकर तौल में हेराफेरी करने में सक्षम पाया गया। रामदरश राम, थानाध्यक्ष, शक्तिनगर ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है। इनसे जानकारी हासिल करने के बाद मुख्य साजिशकर्ता तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। राम विजय सिंह, प्रवक्ता, एनसीएल ने बताया कि कोल प्रबंधन तकनीक व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिये ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह काबू पाने के लिए प्रयास शुरू कर दिया गया है। कोयला क्षेत्र में इसका जल्द परिणाम दिखाई देने लगेगा।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें