पिछले कई दिनों से रूक-रूक कर हो रही बारिश ने शहर और गांवों में कराए गए विकास कार्यों की पोल खोलनी शुरू कर दी है। रविवार को घंटे भर हुई मूसलाधार बारिश से राबर्ट्सगंज में कई जगहों पर जलजमाव हो गया। नालियों के चोक होने से कई घरों में पानी घुस गया। नई बस्ती में भीगते हुए कईयों ने नालियों की साफ-सफाई की,
उधर मारकुंडी समेत अन्य पिकनिक स्थलों पर सैलानियों की भीड़ लगी रही।
दोपहर करीब एक बजे से बारशि शुरू हुई। मूसलाधार बारिश से राबर्ट्सगंज के नवीन मंडी समिति, सिविल लाइंस रोड, धर्मशाला चौक के समीप एक से दो फीट पानी सड़कों पर जमा हो गया। कई वाहन इंजन में पानी जाने से पनी में फंस गए। ओवरब्रिज के नीचे बनी नालियों के जाम होने से पानी नहीं निकल रहा था। नई बस्ती, विकास नगर, पूरब मोहाल, ब्रम्हनगर समेत अन्य मोहल्ले के कई सड़कों पर पानीथ जम होने से राहगीरों एवं रहवासियों को मुश्किलें हुईं। उधर मारकुंडी स्थित इको प्वाइंट, धंधरौल बांध, मुुक्खाफाल समेत अन्य पिकनिक स्पाटों पर सैलानियों की भीड़ रही।
ओबरा। रेणुकापार के जुगैल, भरहरी, परसोंई, बैरपुर, पनारी, खरहरा, कनहरा, बडग़वां, नेवारी सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के चार दर्जन से ज्यादा टोले जनपद मुख्यालय से कटे हुए हैं। बरसात के दौरान ओबरा डैम और बिजुल नदी में मिलने वाले लोहियाकुंड, पहलवान, गोड़तोड़वा एवं मगरदहा नाले को सबसे खतरनाक माना जाता है। भरहरी ग्राम पंचायत के परेवा नाला, जुगैल के पियरी और डेगरहां नाला, पनारी ग्राम पंचायत का जुर्रा नाला, भंवराकुड एवं परसोई के मगरदहा नाले में पानी आ जाने की वजह से आधा दर्जन से अधिक टोलों का अन्य क्षेत्रों से संपर्क कट गया है।
फफराकुंड रेलवे स्टेशन के पास के नाले में आए तेज पानी बहाव की वजह से लोगों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। दुद्धी। नगर के विभिन्न वार्डों में नालियों का पानी दूकानों और घरों में घुस गया है। वार्ड एक में डॉ. पीके विश्वास, नीरज शर्मा, प्रदीप जायसवाल के घर में नाली का पानी घुस रहा है। लोगों का कहना है कि अगर बारिश से पहले नाली की साफ-सफाई कराई गई होती तो यह नौबत नहीं आती।