त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के प्रथम चरण में राबर्ट्सगंज और नगवां ब्लाक में मतदान शुक्रवार की सुबह सात बजे से शुरू हुआ। जिला पंचायत की आठ और क्षेत्र पंचायत की 195 सीटों के लिए करीब दो लाख 99 हजार 514 वोटरों को मतदान करना था। लेकिन राबर्ट्सगंज में 61 प्रतिशत और नगवां में 62 प्रतिशत मतदान हुआ। चुनाव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बिहार की सीमा से सटे नगवां ब्लाक के सूअरसोत बार्डर को बैरियर लगाकर सील किया गया था, तो झारखंड और बिहार की सीमा से सटे बसुहारी गांव के पास सोन नदी में नाव का संचालन बंद करा दिया गया था, ताकि नक्सली किसी तरह की वारदात को अंजाम न दे सकें।
उधर डीएम जीएस प्रियदर्शी और एसपी शिवशंकर यादव ने सुबह करीब नौ बजे मधुपुर क्षेत्र के बूथों का निरीक्षण कर मतदान और सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिया कि मतदान केंद्र के अंदर सिर्फ वोटर ही जाएं।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह सात से साढ़े सात बजे के बीच राबट्र्सगंज और नगवां ब्लाक के सभी मतदान केंद्रों पर मतदान शुरू हुआ। सुबह नौ बजे तक बूथों पर मतदाताओं की भीड़ नाममात्र की रही, लेकिन साढ़े नौ बजे के बाद मतदाताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कड़ी धूप में कतारबद्ध होकर मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। सदर ब्लाक के अकछोर गांव में शाम साढ़े छह बजे मतदान हुआ। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए गए थे। मतदान समाप्त होने के बाद एजेंटों की मौजूदगी में मतपेटिका को सील किया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच राबर्ट्सगंज ब्लाक क्षेत्र के छह जिला पंचायत सदस्य पद के मत पेटिकाओं और क्षेत्र पंचायत के 148 सीटों की मतपेटिकाओं को पालीटेक्निक कालेज लोढ़ी में ले जाया गया। वहीं नगवां ब्लाक के दो जिला पंचायत और 47 क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए पड़े वोटों की मतपेटिकाओं को बीआरसी नगवां में रखा गया। मतदान के दौरान डीएम जीएस प्रियदर्शी, एसपी शिव शंकर यादव, सदर एसडीएम हर्षदेव पांडेय, घोरावल एसडीएम कैलाश सिंह, एएसपी शंभूशरण यादव, रामयज्ञ यादव केंद्रों का भ्रमण कर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। समाचार लिखे जाने तक कई पोलिंग पार्टियां स्ट्रांग रूम नहीं पहुंची थीं। उधर सलखन संवाददाता के अनुसार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान हुआ।