बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र के कोठा टोला में शुक्रवार को एक खदान में हुए हादसे में एक श्रमिक की मौत और पांच श्रमिकों के घायल होने की खबर मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। रात में एक बजे के करीब उपजिलाधिकारी सदर हर्षदेव पांडेय ने मलबे को हटवाया। इस दौरान और कोई मजदूर दबा नहीं मिला। शुक्रवार की रात हुए हादसे के बाद शनिवार को कोठा टोला सहित अन्य खदानों में काम नहीं हुआ। दूसरी तरफ पुलिस मृत मजदूर कैलाश के भाई रामसूरत की तहरीर पर थाने में खदान मालिक प्रेमनारायण चौबे सहित दो के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है।
चोपन थाना क्षेत्र डाला क्षेत्र में मौजूद कोठा टोला खनन क्षेत्र में मौजूद प्रेमनारायण चौबे की खदान में शुक्रवार की शाम मिट्टी का ढीला धसक गया, इस दुर्घटना में छह श्रमिक घायल हो गए थे। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस आसपास की खदानों में काम कर रहें श्रमिकों के सहयोग से मलबे में दबकर घायल हुए मजदूरों को उपचार के लिए अस्पताल भेजवाई। इस दौरान चोपन थाना क्षेत्र के गुरुपुरा (बभनमरी) गांव निवासी मजदूर कैलाश की मौत हो गई। जबकि इसी गांव के निवासी मानसिंह, लालजी, राजकुमार, गया सिंह और रामप्रसाद का उपचार चल रहा है।
उधर रात करीब दस बजे सदर एसडीएम हर्षदेव पांडेय, ओबरा सीओ प्रवीण यादव, चोपन एसओ और डाला चौकी प्रभारी वृजनाथ यादव के साथ घटनास्थल पर पहुंच कर जेसीबी से मिट्टी को साफ करना शुरू किया, लेकिन कोई श्रमिक दबा नहीं मिला। उधर हादसे की वजह से कोठा क्षेत्र में संचालित करीब दर्जन भर खदानों में खनन ठप हो गया है। चोपन थानाध्यक्ष रविंद्र भूषण मौर्य ने बताया कि कैलाश के शव का पोस्टमार्टम करवा कर उसके घरवालों को सुपुर्द कर दिया गया है। मृतक के भाई रामसूरत की तहरीर पर खदान मालिक प्रेमनारायण चौबे और पेटीदार सुदेनु गुप्ता के विरुद्ध लापरवाही और स्वदोष मानव वध सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसडीएम हर्षदेव पांडेय ने बताया कि पत्थर की एक चट्टान जो मिट्टी के बीच दबी थी, वह सरकी थी। वैसे विभागीय जांच में और कारण स्पष्ट होगा।