फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुख-समृदि्ध के लिए रखा निर्जला एकादशी व्रत

Thu, 16 Jun 2016 10:42 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ सोनभद्र
विज्ञापन
ओबरा में निर्जला एकादशी पर गुरुवार को राहगीरों को शर्बत पिलाते लायंस क्लब के सदस्य। - फोटो : sonbhadra
विज्ञापन
निर्जला एकादशी पर  गुरुवार को व्रत रखकर श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना कर सुख समृदि्ध्‍ की कामना की। सुबह से ही राबर्ट्सगंज स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर, बरैला स्थित राधा-कृष्ण मंदिर पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार गौ दान और घड़े में पानी भरकर पुरोहितों को दान दिया। इसके अलावा पुरोहितों को भोजन कराकर वस्त्र और दक्षिणा देकर आशीर्वाद लिया। मान्यता है कि इस कठिन व्रत के करने से मनवांछित फल मिलता है।
विज्ञापन


निर्जला एकादशी व्रत को भीमसेनी एकादशी व्रत भी कहा जाता है। पुरोहित डॉ. कृष्णानंद त्रिपाठी बताते हैं कि अगस्त, कुंभकर्ण, हनुमान, बड़वानल और भीम ऐसे थे जो सबसे ज्यादा आहार करने वालों में इनकी गणना होती थी। जब भगवान श्रीकृष्ण ने बताया कि बारह मास करने से अच्छा है कि सिर्फ एक ही बार व्रत किया जाए तो सभी का फल मिल जाएगा। इसीलिए इसे भीमसेनी एकादशी व्रत भी कहा जाता है। गुरुवार को सुबह 9:36 बजे तक ही एकादशी तिथि रही, लेकिन कोई भी व्रत उदया तिथि में लिया जाता है। इसकी वजह से गुरुवार को ही निर्जला एकादशी का व्रत श्रद्धालुओं ने रखा।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें