दो सौ मेगावाट क्षमता की 13वीं इकाई के जनरेटर ट्रांसफार्मर की पुशिंग में अचानक ब्लास्ट हो जाने से आग लग गई। कड़ी मसक्कत से अग्निशमन दल ने आग बुझाया। अगलगी के बाद 130 मेगावाट की उत्पादनरत इकाई बंद हो जाने से ओबरा ताप विद्युत गृह का बिजली उत्पादन लुढ़क गया।
करोड़ों रुपये की लागत से जीर्णोद्धार के बाद दो सौ मेगावाट क्षमता की 13वीं इकाई से दो दिन पूर्व ही विद्युत उत्पादन शुरू हुआ था। रविवार की देर रात पौने 11 बजे जनरेटिंग ट्रांसफार्मर के पुशिंग में अचानक तेज आवाज के साथ ब्लास्ट हो जाने से आग लग गई। मौके पहुंची सीआईएसएफ के अग्निशमन दल ने बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने के बाद जनरेटिंग ट्रांसफार्मर की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि ट्रांसफार्मर में कितनी खराबी आई है। जानकारों की मानें तो यदि ट्रांसफार्मर जला होगा तो इकाई महीनों तक बंद रहेगी। अगर सिर्फ पुशिंग ही खराब हुई होगी तो एक सप्ताह में इकाई चालू होने की संभावना जताई जा रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि ट्रांसफार्मर में आई खराबी के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे उत्पादन निगम को भारी नुकसान होगा। सोमवार की देर शाम तक ओबरा तापीय परियोजना की उत्पादनरत 09वीं से 120, 10वीं से 133, 11वीं से 132 एवं 12वीं इकाई से 133 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा था।