कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौपते एससी एसटी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी।
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एससी/एसटी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के बैनर तले शिक्षकों ने सोमवार को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन के माध्यम से अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति को पदोन्नति में आरक्षण देने व बड़े स्तर पर खाली पड़े पदोन्नति पदों को पूर्ण किए जाने की मांग की। बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने अनुसूचित जाति/जनजाति के शिक्षक,सरकारी सेवकों की पदोन्नति में आरक्षण को पूर्णत: उचित, संवैधानिक व न्यायोचित माना है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इस वर्ग को पदोन्नति में आरक्षण देने के लिये मात्रात्मक डाटा एकत्रित करने की कोई आवश्यकता नहीं है और न ही इस वर्ग के पिछड़े पन के परीक्षण की कोई जरूरत है। कहा कि सवर्ण गरीबों के लिये अभी तक कोई ऐसा सर्वेक्षण व डाटा नहीं था कि इन्हें आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जाये। इसके बाद भी गरीब सवर्णों को आर्थिक आधार पर आरक्षण दे दिया गया। कहा कि पदोन्नति में आरक्षण न देने से अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग का पदोन्नति पदों पर संवैधानिक प्रतिनिधित्व खत्म व लगभग शून्य हो रहा है। मांग की कि तत्काल केंद्र व राज्य सरकार की सभी सेवाओं में पदोन्नति में आरक्षण का शासनादेश तत्काल निर्गत कर अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्गों को संवैधानिक अधिकार दिया जाए। ज्ञापन देेने वालों में जिलाध्यक्ष विनोद कुमार, कोषाध्यक्ष नंद किशोर, महामंत्री नीरज कुमार, अवधेश कनौजिया, मोतीलाल, सुमन, राममूर्ति, कमला प्रसाद, नंदकिशोर, ओमप्रकाश, विद्या प्रकाश, श्याम, रवि कुमार आदि शामिल रहे।