सोनभद्र। कन्नौज मेें लेखपाल के साथ हुई मारपीट से क्षुब्ध होकर सदर तहसील मेें बृहस्पतिवार को धरना-प्रदर्शन कर रहे लेखपालों एवं अधिवक्ताओं में नोकझोंक हुई। इसकी जानकारी होने पर मौके पर पहुंचे कोतवाल ने नाराज लोगों को समझाने के साथ ही उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया। घटना से क्षुब्ध अधिवक्ताओं ने सोनभद्र बार एसोसिएशन कार्यालय में बैठक की। अधिवक्ताओं ने लेखपालों द्वारा न्यायिक कार्य में बाधा उत्पन्न करने पर आंदोलन करने का निर्णय लिया। उधर डीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने दोनों पक्षों से वार्ता कर घटना की जानकारी ली।
कन्नौज में लेखपालों पर जानलेवा हमला करने एवं महिला लेखपाल से दुव्र्यवहार करने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग को लेकर सदर तहसील में दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले लेखपाल धरना प्रदर्शन कर रहे थे। दोपहर बाद अचानक अधिवक्ताओं और लेखपालों के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। इससे तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। इसकी जानकरी मिलते ही फोर्स के साथ कोतवाल मिथिलेश मिश्रा पहुंच कर दोनों पक्ष के लोगों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराने मे जुट गए। कुछ ही देर बाद एडीएम भी पहुंच कर सोनभद्र बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश राम पाठक समेत अन्य अधिवक्ताओं से वार्ता कर मामले की जानकारी ली। इस दौरान बार के अध्यक्ष रमेश राम पाठक समेत अन्य अधिवक्ताओं का कहना था कि लेखपाल राजस्व कोर्ट के सामने धरना देते हुए वादकारियों को अपशब्दों का प्रयोग कर भगा दे रहे थे। लाउडस्पीकर से वकीलों के अपमानजनक भाषा का प्रयोग कर रहे थे।