कलेक्ट्रेट में मंगलवार को भारतीय किसान संघ के धरने को संबोधित करते लालजी तिवारी।
सूखे से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिए जाने समेत अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट में भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद किसानों ने डीएम को प्रधानमंत्री के नाम 14 सूत्री मांगपत्र सौंपा। चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों के जायज मांगों को पूर्ण करने में किसी प्रकार की हीलाहवाली की गई तो वृहद आंदोलन किया जाएगा। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और जिला प्रशासन की होगी।
सभा को संबोधित करते हुए जिला उपाध्यक्ष बिमलेश सिंह ने कहा कि कई वर्षों से किसान सूखे की चपेट में हैं। बारिश न होने के नाते तेजी से जलस्तर नीचे खिसक रहा है। जिससे पानी का संकट विकराल रूप धारण करने लगा है। इसके बावजूद जिला प्रशासन पानी की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं कर रहा है। कृषि आर्थिक शोध प्रांत अध्यक्ष फूलचंद्र सिंह पटेल ने कहा कि अब तक देश में जितनी भी सरकारें बनी हैं उनकी प्राथमिकता में कृषि और किसान नहीं रहा है। इस वजह से किसानों के हित में नीतियां नहीं बन सकीं, जिससे किसान परेशान हैं।
प्रांत अध्यक्ष अध्यक्ष चंद्र भूषण पांडेय ने कहा कि जिले की भौगोलिक रचना खेती के अनुकूल नहीं है। सिंचाई के साधन कम होने के नाते खेती करना बहुत जोखिम का काम है। पानी के अभाव में फसल सूख कर बर्बाद हो जाती है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए चैकडेम, बंधी ट्यूबवेल बनाया जाए। कर्मनाशा नदी, बिछिया गोसा और समरिया दह में लिफ्ट लगा कर किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इस मौके पर चंद्र प्रकाश सिंह, सदानंद सिंह, हीरालाल, पशुपाल सिंह, महेंद्र जायसवाल, दयाराम सिंह, प्रदीप सिंह आदि रहे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रामजी सिंह मौर्य और संचालन जिला मंत्री डा. सच्चिदानंद द्विवेदी ने किया।