अनपरा। तकनीकी कारणों से बंद हुई अनपरा की छठवीं इकाई को बुधवार की दोपहर चालू कर लिया गया। इस बीच कुछ देर लिए छठवीं और सातवीं इकाई पर थर्मल बैकिंग लग गई, जिस कारण उत्पादन आधा करना पड़ा।
मंगलवार की सुबह अनपरा की छठवीं इकाई के इकोनोमाइजर वाल्व में लिकेज के कारण इकाई को बंद करना पड़ा था। लिकेज को दुरूस्त करने के लिए परियोजना के कर्मचारी युद्धस्तर पर लगे रहे। बुधवार की दोपहर करीब पौने दो बजे लिकेज को ठीक कर लिया। इसके बाद इकाई को चालू किया गया। चालू होने के कुछ देर बाद छठवीं और सातवीं इकाई पर थर्मल बैकिंग लगा दिया गया। इस वजह से इकाई से उत्पादन आधा हो गया। देर शाम 2630 मेगावाट की इकाईयों से 2258 मेगावाट का उत्पादन जारी रहा। निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना की 1200 मेगावाट की इकइयों से 1127 मेगावाट उत्पादन जारी रहा। प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 23873 मेगावाट और न्यूनतम मांग 14783 मेगावाट रही।
ओबरा परियोजना की 10वीं इकाई लाइटअप, उत्पादन शुरू
ओबरा। ओबरा तापीय परियोजना की कई दिनों से अनुरक्षण के लिए बंद दसवीं इकाई को बुधवार की सुबह लाइटअप कर लिया गया। इकाई से बुधवार की दोपहर बाद अभियंताओं ने बिजली उत्पादन शुरू करने में भी सफलता हासिल कर ली। हालांकि दस मिनट बाद ही इकाई फिर से ट्रिप हो गई। करीब डेढ़ घंटे बाद इकाई को फिर से लाइटअप किया गया। ओबरा तापीय परियोजना की दसवीं इकाई अनुरक्षण कार्य की वजह से कई दिनों से बंद चल रही थी। इकाई को अनुरक्षण के बाद लाइटअप करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा था। बुधवार को दोपहर करीब 12:48 बजे दसवीं इकाई को लाइटअप किया गया। इसके बाद अपराह्न सवा तीन बजे करीब सिंक्रोनाइज कर उत्पादन शुरू भी करा लिया गया। इसके दस मिनट बाद ही इकाई पुनः बंद हो गई। अभियंताओं ने काफी प्रयास के बाद इकाई को शाम 4:50 बजे फिर से लाइटअप किया। शाम 5.58 बजे सिंक्रोनाइज कर उत्पादन शुरू करा लिया गया। समाचार दिए जाने तक परियोजना की 10वीं इकाई से 74 मेगावाट, 11वीं इकाई से 113 मेगावाट, 12वीं इकाई से 110 मेगावाट और 13 वीं इकाई से 105 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा था। उधर, कोयले की कमी से सोमवार की शाम बंद हुई 200 मेगावाट की 9वीं इकाई को अभी तक लाइटअप नहीं किया जा सका।