कोन। नवजात शिशु का शव लेकर आ रहे निजी वाहन को निजी बस स्टाफ द्वारा रोकने को लेकर क्रुद्ध ग्रामीणों ने रविवार की सुबह सात बजे से रामगढ़ बाजार में जाम लगा दिया। उनका आरोप है कि निजी बस संचालक के स्टाफ ने शव लेकर लौट रहे लोगों को काफी देर तक रोके रखा और निजी जीप से उतार कर निजी बस पर बैठने को मजबूर किया। इससे जच्चा को तेलगुड़वा में तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा कर जाम खत्म कराया।
कोन थाना क्षेत्र के रामगढ़ निवासी रजनीश कुमार की पत्नी प्रमिला देवी (28) ने बीती रात रेणुकूट में मृत नवजात शिशु को जन्म दिया। इसके बाद रजनीश नवजात का शव लेकर ढाई बजे भोर में रोडवेज बस से तेलगुड़वा पहुंचा। यहां से रामगढ़ आने के लिए तेलगुड़वा में एक निजी जीप को बुक किया। जीप चलने ही वाली थी कि निजी बस के स्टाफ ने जीप को रोक दिया और कहा कि ये सवारी पहली बस से सुबह छह बजे जाएगा। पीड़ित परिजन बस में बैठकर तीन घंटे तक बस चलने का इंतजार करते रहे। सुबह करीब सात बजे जब बस रामगढ़ पहुंची तो परिजनों ने बस को रोक लिया। ग्रामीण इकट्ठा हो गए। परिजन बस संचालक पर कार्रवाई की मांग करने लगे। हंगामे के चलते जाम लग गया। सूचन पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर करीब चार घंटे बाद 11 बजे बस संचालन शुरू कराया और जाम समाप्त कराया। प्रभारी निरीक्षक अरविंद यादव ने दोनों पक्ष को थाने बुलाकर समझाया। एसओ ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया। बस स्टाफ इस तरह की अवमानवीय व्यवहार की पुनरावृत्ति न करने की हिदायत दी। इस दौरान बस यूनियन के अध्यक्ष राकेश तिवारी, जिला पंचायत सदस्य विमलेश यादव, भाजपा मंडल अध्यक्ष सुनील जायसवाल, ग्राम प्रधान प्रमोद जायसवाल, जगरनाथ पासवान, विनय कन्नौजिया, अक्षैवर सिंह, ददन भारती मौजूद रहे।