निजी कंपनियों के दखल पर रोक लगाने की मांग
अनपरा एवं अनपरा डी परियोजना में ठेके के कार्यों में निजी कंपनियों के बढ़ते दखल के विरोध में राज्य विद्युत डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन ने सोमवार को आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। केंद्रीय पदाधिकारियों की मौजूदगी में अनपरा शाखा के सदस्यों ने सोमवार को परियेाजना गेट पर प्रदर्शन और सभा कर अनपरा डी में आउटसोर्सिंग से कार्य लिए जाने की कवायद के खिलाफ आवाज उठाई।
अनपरा परियोजना में परियोजना एवं अनुरक्षण से जुड़े कार्यों को निजी कंपनियों को देने का भी विरोध जताया। शाखा अध्यक्ष इं. इल्ताफ अली ने कहा कि आउटसोर्सिंग कहीं से निगम हित में नहीं है। उन्होंने इस मसले को लेकर सभी विद्युत कर्मी संगठनों को एक मंच पर आने का आह्वान किया। कहा कि परिचालन और अनुरक्षण का कार्य निजी कंपनियों को उनकी मनमानी शर्तों और दो से तीन गुना अधिक दर पर दिया जा रहा है,
जिसमें निगम का ही घाटा है।केन्द्रीय उपाध्यक्ष इं. डीडी मौर्य, केंद्रीय महामंत्री इं. अनूप कुमार वर्मा ने कहा कि एक तरफ जहां निगम प्रबंधन प्रदेश को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने का आश्वासन दे रहा है, वहीं प्रबंधन इस तरह के फैसले लेकर बिजली की उत्पादन लागत को बढ़ाने का कार्य कर रहा है।
केंद्रीय संगठन मंत्री इं. अभिषेक बरनवाल, केंद्रीय प्रचार मंत्री इं. सुनील कुमार ने कहा कि अनपरा डी को भी अनपरा सी की तरह निजीकरण की तरफ ले जाया जा रहा है। इं. शैलेष कुमार, रवि चौबे, अंकित कुमार, पंकज त्रिपाठी, धर्मेंद्र कुमार, राकेश यादव ने कहा कि उच्च प्रबंधन की अदूरदर्शी नीतियां निगम को घाटे की तरफ धकेल रही हैं।
ऐसी नीतियों पर रोक नहीं लगाई गई तो आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेंगे। इस मौके पर विवेक सिंह, रंजीत प्रसाद , अजय सिंह यादव, कुलदीप भारती, अमित मौर्य, अनुराग त्रिपाठी, मानवेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।