सोनभद्र। जिला कारागार गुर्मा में रविवार को रुपये चोरी करने का आरोप लगाकर कुछ बंदियों ने एक बंदी की पिटाई कर दी। इससे जेल में अफरातफरी मच गई। जेल प्रशासन ने बंदियों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इस दौरान जेल कर्मियों को पता चला कि एक बंदी ने आत्महत्या करने के लिए शीशे का सेवन कर लिया है। आननफानन में जेलकर्मी बंदी को जिला अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने उसे बीएचयू रेफर कर दिया। अल्ट्रासाउंड होने पर बंदी के पेट में शीशों के टुकड़े नहीं निकले। बीएचयू से बंदी को वापस जिला कारागार लाया जा रहा है।
जेल सूत्रों का कहना है कि रविवार की दोपहर बाद करीब ढाई बजे जिला कारागार में कुछ बंदी एक बंदी पर रुपये चोरी करने का आरोप लगाते हुए उसे पीटने लगे। शोर-गुल सुनकर काफी संख्या में बंदी एकत्र हो गए। इसकी जानकारी मिलते ही जेलकर्मी अलर्ट हो गए और विवाद करने वाले बंदियों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। कुछ ही देर बाद जेल कर्मियों को सूचना मिली कि उत्पीड़न से क्षुब्ध एक बंदी ने फर्श में लगे शीशों के टुकड़ों को पीस कर उसका सेवन कर लिया है। जेल कर्मियों ने बंदी को नमक व पानी का घोल पिलाकर उल्टी कराई। इसके बाद उसे और बुखार से पीड़ित एक अन्य बंदी को लेकर जिला अस्पताल गए। जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने बताया कि किसी बात को लेकर कुछ बंदियों में कहासुनी हुई थी। इससे बचने के लिए बीजपुर थाना क्षेत्र के डोडहर गांव के रहने वाले बंदी राजू ने खुद शीशे के टुकड़ों के सेवन करने की सूचना दे दी। रविवार की रात में ही जिला अस्पताल से जेलकर्मी बंदी को लेकर बीएचयू वाराणसी पहुंचे। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में बंदी के पेट में कांच का टुकड़ा न होने की पुष्टि हुई है। बीएचयू के डॉक्टरों ने बंदी की हालत सामान्य बताते हुए छुट्टी दे दी है। कहा कि राजू ने शीशे के टुकड़े का सेवन करने की झूठी सूचना दी थी। कहा कि विवाद करने वाले बंदियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।