सोनभद्र। बेलन नदी के साथ चालू वित्तीय वर्ष में ही म्योरपुर ब्लाक क्षेत्र में स्थित अजीर और लउआ नदी के जीर्णोद्धार की तैयारी शुरू कर दी गई है। इन नदियों के जीर्णोद्धार का कार्य मनरेगा के तहत कराने की रणनीति तय की गई है। इन दोनों नदियों के सर्वे का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
जिले के तीन ब्लाकों चतरा, राबर्ट्सगंज व घोरावल ब्लाक क्षेत्र से होकर गुजरने वाली बेलन नदी के जीर्णोद्धार का कार्य 18 मई को शुरू किया गया है। इसके तहत 2.64 करोड़ रुपये से नदी के उद्गम स्थल से लेकर कुल करीब 49 किमी तक खोदाई कराने का प्रस्ताव है। यह कार्य तीनों ब्लाकों के 29 ग्राम पंचायतों में किए जाने की भी योजना है। मनरेगा के तहत कार्य कराने से जिले में आए प्रवासी श्रमिकों के साथ ही गांवों में जॉबकार्ड धारकों को रोजगार उपलब्ध कराने की रणनीति काम कर रही है। बताया गया कि जीर्णोद्धार के कार्य के दौरान 29 ग्राम पंचायतों से होकर गुजरने वाली बेलन नदी से 168225 घन मीटर मिट्टी सिल्ट के रूप में निकाली जाएगी। इससे 98784 श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। उधर, बेलन नदी के जीर्णोद्धार का कार्य अभी शुरू ही हुआ है कि अधिकारियों ने अब जिले से होकर गुजरने वाली अजीर और लउआ नदी के जीर्णोद्धार की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि अभी इन दोनों नदियों के जीर्णोद्धार की तैयारी प्रारंभिक चरण में है। उपायुक्त मनरेगा तेजभान सिंह का कहना है कि इन दोनों नदियों के जीर्णोद्धार की तैयारी शुरू कर दी गई है। कार्ययोजना तैयार करने के लिए इन दोनों नदियों का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे में लगे लोगों से एक सप्ताह में रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है। सर्वे रिपोर्ट मिलते ही कार्ययोजना तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। कोशिश की जा रही है कि इन दोनों नदियों के जीर्णोद्धार का कार्य भी इसी माह से शुरू करा दिया जाए।