आरोप लगाया कि जुलाई 2019 से 31 मार्च 2022 तक की आशा कर्मियों की प्रोत्साहन राशि, समसामयिक लिए गए योगदानों का भुगतान डीपीएम कार्यालय के जरिए नहीं किया गया है। हजारों पत्र भेजने के बावजूद भुगतान की मांग को निरंतर अनसुना किया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2024-2025 में राष्ट्रीय अभियानों में योगदान सहित राज्यांश, अन्य योगदानों का बड़ा हिस्सा भुगतान नहीं किया गया है। बदायूं में टीकाकरण से लौट रही आशा के अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या के मामले में दोषियों पर कठोर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग की गई।
जिले की आशा, संगिनी कर्मियों की सुरक्षा की गारंटी के लिए डीएम और एसपी को जवाबदेह बनाने की मांग की गई। इस मौके पर अध्यक्ष तारा देवी, सचिव नीरा देवी, मीना, विमला देवी, अनिता, नीशा देवी, ललिता देवी, रूपम देवी, अमला देवी आदि मौजूद रहीं।