विजयगढ़ दुर्ग स्थित बाबा मीरान शाह की दरगाह पर बुधवार को लाखों जायरीन पहुंचे। पूर्वांचल सहित सीमावर्ती राज्यों से भी बड़ी संख्या में दरगाह पर पहुंचे। उर्स में मेले का माहौल रहा। भीड़ को देखते हुए एहतियातन पांच किलोमीटर पहले ही वाहनों के आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी।
मंगलवार से ही बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, कोलकाता, मुुंबई सहित अन्य जगहों से लोगों को विजयगढ़ दुर्ग पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ। सोमवार दोपहर तक दुर्ग पर भारी संख्या में जायरीन पहुंचे। यहां स्थित सरोवर में लोगों ने स्नान कर मीरानशाह के दरगाह माथा टेककर दुआ मांगी। शाम पांच बजे चादर, गागर उठी। कौव्वाल राधे सहित कई कौव्वालों ने बाबा के शान में कौव्वाली की शानदार प्रस्तुति की। यहां चादर चढ़ा कर फातिया पढ़ी गई। राज्यमंत्री व्यासजी गोड़, विधायक अविनाश कुशवाहा, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय यादव, विजय यादव, हिदायत उल्ला खां ने बाबा के दर पर मत्था टेका। राज्यमंत्री ने उर्स कमेटी के मुस्ताक खां, फरीद खां, सिबली, प्यारे भाई, गोप खां से जायरीन के लिए गए व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। देर रात तक दुर्ग पर जायरीनों भीड़ लगी रही।
उधर रामपुर बरकोनिया थाना क्षेत्र में स्थित विजयगढ़ दुर्ग पर जायरीन को पहुंचने के लिए पांच किमी पैदल चलना पड़ा। मऊ गांव में बैरिकेडिंग कर पुलिस ने छोटे-बड़े वाहनों को रोक दिया। यहां से जायरीन को पैदल दुर्ग पर जाना पड़ा। वहीं दुर्ग के खिड़की के रास्ते से पुलिस ने जिन लोगों के पास वीआईपी पास था उन्हीं के वाहनों को प्रवेश करने दिया। उधर, विजयगढ़ दुर्ग पर आयोजित उर्स में तीन बार लोग बरसात के नाते इधर- उधर भागते दिखे। बारिश से बचने के लिए लोग पत्थर और चट्टान का सहारा लेते रहे।