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Sonebhadra News: शटडाउन के बाद चालू हुई बिजली, खंभे पर फॉल्ट ठीक कर रहे लाइनमैन की मौत

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मृतक विरेन्द्र गुप्ता का फाइल फोटो
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कोन (सोनभद्र)। स्थानीय थाना क्षेत्र के घघिया गांव में सोमवार की शाम खंभे पर चढ़कर फॉल्ट सुधारते समय करंट की चपेट में आने से झुलसे वीरेंद्र गुप्ता (29) की देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। वह बिजली निगम में निविदा पर लाइनमैन था। आरोप है कि शटडाउन लेने के बावजूद अचानक बिजली चालू कर दी गई। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो आक्रोशित लोगों ने नाराजगी जताई। घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और आर्थिक सहायता की मांग की। वीरेंद्र के बड़े भाई की भी करीब छह साल पहले ऐसे ही करंट से झुलसकर मौत हुई थी।
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घघिया निवासी वीरेंद्र गुप्ता बिजली निगम में निविदा (आउटसोर्सिंग) के माध्यम से लाइनमैन था। सोमवार को हाईटेंशन लाइन में फॉल्ट ठीक करने के लिए वह उपकेंद्र से शटडाउन लेकर खंभे पर चढ़ा। अचानक बिजली आपूर्ति शुरू होने से वीरेंद्र करंट लगने से झुलस गया और झटका खाकर खंभे से नीचे गिर गया। आसपास के ग्रामीणों और सहयोगियों ने वीरेंद्र को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने रेफर कर दिया। उसे वाराणसी ले गया, जहां इलाज के दौरान देर रात करीब साढ़े 11 बजे उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि वीरेंद्र शटडाउन लेकर काम कर रहा था। बावजूद लाइन चालू होना बड़ी लापरवाही है। घटना के बाद से ही संबंधित कर्मी की तलाश की जा रही है। मंगलवार की शाम को शव गांव पहुंचा तो मुआवजा और कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। जेई गजेंद्र श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाने में जुटे रहे। जेई ने बताया कि ठेकेदार के माध्यम से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराने का प्रावधान है। इसके तहत वीरेंद्र के परिवारीजनों को लाभ दिलाया जाएगा।
छह साल पहले बड़े भाई की भी ऐसे ही हुई थी मौत
वीरेंद्र का बड़ा भाई उमेश गुप्ता भी बिजली निगम में लाइनमैन था। करीब छह वर्ष पहले उसकी भी फॉल्ट सुधारते समय करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। शादीशुदा उमेश की मौत के बाद छोटा भाई वीरेंद्र परिवार का सहारा बना। परिजनों ने उमेश की पत्नी से वीरेंद्र का विवाह करा दिया। शादी के बाद वीरेंद्र को भी दो संतान हुई, जबकि बड़े भाई उमेश से एक बेटा था। पत्नी और तीन बच्चों की परवरिश कर रहे वीरेंद्र की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। पत्नी और बच्चे शव से लिपट कर बिलख रहे थे।
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शट डाउन के बाद बिजली आपूर्ति कैसे शुरू हुई, इसकी जांच कराई जा रही है। प्रथम दृष्टया लापरवाही पर जेई गजेंद्र श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है। अन्य विभागीय कार्रवाई की जा रही है। मृतक के परिवारीजनों को नियमानुसार दस लाख रुपये की आर्थिक मदद सहित अन्य सहायता उपलब्ध कराया जा रहा है। -दिलीप कुमार सिंह, एक्सईएन, पिपरी डिवीजन।

मृतक विरेन्द्र गुप्ता का फाइल फोटो

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