उप्र राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के बैनर तले अभियंताओं ने दूसरे दिन गुरुवार को भी तापीय परियोजना गेट पर प्रदर्शन कर आवाज उठाई। इस दिन कार्य बहिष्कार कर विरोध सभा भी की गई।
केंद्रीय सहायक सचिव इं. मणींद्रनाथ और वरिष्ठ उपाध्यक्ष इं. जीके मिश्रा ने कहा कि हरदुआगंज विस्तार, पारीक्षा विस्तार और निर्माणाधीन अनपरा डी में नए पदों के सृजन को लेकर अब तक कोई प्रक्रिया अमल में नहीं लाई जा सकी है। इससे बिजली परियोजनाओं में मैन पावर की समस्या और खराब होने लगी है।
इं. सीपी मिश्रा, इं. आरसी श्रीवास्तव ने कहा कि उत्पादन निगम में तीन साल से उत्पादन प्रोत्साहन भत्ता लंबित है। अन्य भत्तों का पुनरीक्षण नहीं किया जा रहा है।
निर्माण भत्ता को लेकर भी अब तक कोई पहल सामने नहीं आ सकी है। इससे अभियंताओं में रोष बढ़ता जा रहा है। इं. विनोद कुमार, इं. जयनारायण गौतम ने कहा कि सहायक अभियंताओं को पांच प्रारंभिक वेतन वृद्धि, 6600 ग्रेड पे देने को लेकर हुए समझौते को भी अब तक लागू नहीं किया जा सका है।
इं. राजेंद्र पटेल, इं. अनिल यादव ने कहा कि विभागीय विद्युत सेवा (एलएमवी-10) की सुविधा एक जनवरी 2016 के बाद भी बरकरार रहे, इसको लेकर भी कोई कवायद अमल में नहीं लाई जा रही है। इं. अभिषेक नारायण, संदीप मिश्रा ने कहा कि अभियंताओं का आंदोलन जारी रहेगा।
26 और 28 सितंबर को भी परियोजना गेट पर प्रदर्शन कर आवाज उठाई जाएगी। इसके बाद तीन अक्टूबर को लखनऊ में महारैली के जरिए ताकत का एहसास कराया जाएगा। इस मौके पर इं. बीरबहादुर, अजय मौर्या, संजय गौतम, रमेश यादव, श्वेत प्रकाश, दिनेश आदि मौजूद रहे।