सोनभद्र। सोनभद्र बार एसोसिएशन की पहली महिला अध्यक्ष बनीं पूनम सिंह जिले की पहली महिला अधिवक्ता भी रही हैं। वर्ष 1995 में जब उन्होंने बार में प्रैक्टिस शुरू की, तब कोई दूसरी महिला अधिवक्ता नहीं थी। पुरुषों के बीच भी पूरी दमदारी से वह अपना कार्य करते हुए दूसरी महिलाओं के लिए मिसाल बनीं। तेज तर्रार व जुझारू छवि वाली पूनम सिंह के बाद कई महिलाएं इस पेशे में आगे आईं।
राबर्ट्सगंज की न्यू कॉलोनी निवासी पूनम सिंह मूल रूप से चंदौली जिले के चकिया तहसील क्षेत्र के भूसी गांव की रहने वाली हैं। उनके पति सरकारी सेवा में हैं। पूनम सिंह का मायका भी चकिया क्षेत्र के मचवल गांव में है। उनके पिता बच्चन सिंह भी अधिवक्ता रहे हैं। वाराणसी के हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई करने वाली पूनम सिंह शुरू से ही राजनीति में सक्रिय रही हैं। वर्ष 2000 में कांग्रेस के टिकट पर उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव भी लड़ा था। वह सोनभद्र बार में दो बार वरिष्ठ उपाध्यक्ष भी रहीं। पिछले साल चुनाव में दूसरे नंबर पर थीं।
जिस तरह सभी अधिवक्ता साथियों ने एकजुट होकर विजय दिलाई है, उसकी आभारी हूं। उनके भरोसे पर खरा उतरने का पूरा प्रयास रहेगा। अधिवक्ता हितों के लिए लड़ाई निरंतर जारी रहेगी। इसके लिए जो भी करना होगा, उसमें कोताही नहीं होगी। - पूनम सिंह, नवनिर्वाचित अध्यक्ष।