परिक्षेत्र में व्याप्त प्रदूषण और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ बाजार स्थित चौराहे पर क्षेत्र के लोगों ने प्रदूषण और बेरोजगारी का प्रतीकात्मक पुतला फूंका। केंद्र और प्रदेश सरकार पर भड़ास निकालते हुए प्रदर्शन भी किया। कहा कि दोनों सरकारों से जनता से कोई लेना-देना नहीं है। जल्द प्रदूषण पर प्रभावी अंकुश के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने को लेकर संजीदगी नहीं बरती गई तो बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा।
अगुवाई कर रहे सोनघाटी कल्याण समिति के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि अनपरा परिक्षेत्र में प्रदूषण के चलते सांस लेना दुश्वार हो गया है। सड़क पर बाइक या साइकल से कुछ देर के सफर में ही कोयले की धूल चेहरा काला कर दे रही है। कपड़ों के भी धूल से सनने के साथ ही, श्वांस के जरिए भीतर पहुंचती कोयले की धूल तरह-तरह के बीमारियों की जनक भी बन रही है। कई बार इसको लेकर आवाज उठी। एनजीटी से भी आदेश हुआ लेकिन 24 घंटे छाए रहने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने की कवायद महज कागजों तक सिमटकर रह गई है। उस्मान मियां, महबूब खान ने कहा कि अनपरा से लेकर शक्तिनगर तक हर दो से चार किमी पर एक परियोजना स्थापित है, लेकिन यहां का युवा रोजगार के लिए दर-दर भटक रहा है। परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने में उपेक्षा तो बरती ही जा रही है। मनीष श्रीवास्तव, जगदीश बैसवार ने कहा कि हवा में उड़ती कोयले की राख और धूल पर भी प्रभावी अंकुश जरूरी है। अनिल प्रधान, संजय ने कहा कि ऊर्जांचल की परियोजनाओं में साठ फीसद रोजगार यहां के लोगों को दिया जाना सुनिश्चित किया जाए। इसको लेकर पहल नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। बबलू जायसवाल, दरोगा सिंह, अरविंद सिंह, लालबाबू केशरी, आदि मौजूद रहे।