एनसीएल के ब्लॉक बी प्रोजेक्ट के शाइलो से कोयला लेकर निकलती ट्रेन।
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प्रदूषण कम करने व सड़क पर बड़े माल वाहक वाहनों का दबाव घटाने की दिशा में रविवार को एनसीएल ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। ब्लॉक बी कोयला प्रोजेक्ट में बने नए कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) साइलो से रेल रैक लोडिंग शुरू कर दी गई।
इससे सड़क के जरिये रोजाना करीब 14 हजार टन कोयला अब रैक के माध्यम से गंतव्य तक पहुंच सकेगा। भारत सरकार की मिनी रत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड( एनसीएल) कोयला मंत्री के मार्गदर्शन में, पर्यावरण के अनुकूल कोयला परिवहन की दिशा में एक बड़ी सफलता प्राप्त की है। एनसीएल ने रविवार को फ़र्स्ट माइल कनेक्टिविटी (एफएमसी) परियोजनाओं में से एक, ब्लॉक-बी सीएचपी के नवनिर्मित साइलो से कोयला रैक लोडिंग का परीक्षण किया। इस अवसर पर सीएमडी एनसीएल प्रभात कुमार सिन्हा और महाप्रबंधक पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) ललित चंद्र त्रिवेदी ने वर्चुअल माध्यम से कोल रैक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रोजाना लोड होगी तीन रेल रैक
एनसीएल ब्लाक बी क्षेत्र के सीएचपी की वार्षिक क्षमता 3.5 मिलियन टन है। इससे प्रतिदिन तीन रैक लोड की जा सकेगी। वर्ष 2023-24 तक इसे आठ मिलियन टन प्रतिवर्ष बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस सीएचपी की मदद से जी-9 ग्रेड की गुणवत्ता एवं माइनस 100 मिमी के आकार का कोयला उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा सकेगा। यह सीएचपी रैपिड लोडिंग सिस्टम (आरएलएस) से लैस है।