कोन। पशु तस्करों के लिए जिले की सीमा मुफीद रही है। भौगोलिक परिस्थितियों का लाभ उठाते हुए तस्कर सोनभद्र के रास्ते पशुओं को बिहार, झारखंड होते हुए बंगाल पहुंचाते रहे हैं। मंगलवार की रात मुठभेड़ के बाद पांच तस्करों को गिरफ्तार करते हुए पुलिस ने 39 पशुओं को मुक्त कराया था। इसके 24 घंटे बाद ही रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने भी तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस तस्करों के नेटवर्क को खंगालने और उनके अन्य साथियों की तलाश में भी जुटी है।
मंगलवार की रात करीब 2:30 बजे पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ पशु तस्कर चकरिया बॉर्डर के जंगल के रास्ते से पशुओं को बिहार-झारखंड ले जा रहे हैं। इस पर कोन एसओ गोपालजी गुप्ता और थाना रामपुर बरकोनिया एसओ कमल नयन दुबे के नेतृत्व में टीम ने इलाके की घेराबंदी की। पुलिस को देख तस्करों ने भागने की कोशिश की और उनमें से एक ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक तस्कर के पैर में गोली लगी, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। घायल तस्कर की पहचान मांची थाना क्षेत्र के पनौरा निवासी कुर्बान अली के रूप में हुई। उसके चार अन्य साथी मांची के सोहदार निवासी रामाधार, राजदेव, वीरभान और मुन्ना अगरिया को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 39 पशुओं को मुक्त कराते हुए पुलिस ने 01 तमंचा, कारतूस भी बरामद किया। सीओ ओबरा हर्ष पांडेय ने बताया कि तस्करों के खिलाफ थाना कोन में गोवध निवारण और पशु क्रूरता अधिनियम, आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। उनसे पूछताछ में अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।