शुक्रवार की शाम उसी को फिट करने के लिए उसे ले जाया गया था। पाइप फिट करने के बाद रात करीब आठ बजे टूल सुरक्षित रखने के साथ वह घर जाने की तैयारी कर रहा था। वह जिस जगह खड़ा था, उसके एक तरफ जेसीबी और दूसरी तरफ मैजिक खड़ी थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अचानक मैजिक ने उसे तेजी से उसे टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद वह जेसीबी से टकरा गया। इससे उसे सिर और सीने में गहरी चोट लगी। आनन-फानन उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अखिलेश की दो साल पहले शादी हुई थी। उसे एक साल का बेटा है।
हादसे से परिवार ही नहीं पूरा गांव स्तब्ध
अखिलेश की मौत ने सिर्फ परिवार के लोगों को ही नहीं, पूरे गांव के लोगों को स्तब्ध कर दिया। सरल और सहज व्यवहार के चलते वह पूरे गांव का चहेता था। पिता तेजबल विश्वास नहीं कर पा रहे थे कि बेटे की मौत हो गई है। शनिवार को पोस्टमार्टम के समय भी मौजूद गांव का हर व्यक्ति मौत का कारण जानने के लिए बेताब दिखा। सांसद छोटेलाल खरवार, सपा जिलाध्यक्ष रामनिहोर यादव आदि ने पहुंचकर परिवारीजनों को ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया।
चाचा सत्यनारायण ने हादसे के लिए कंपनी पूरी तरह जिम्मेदार बताया। कहा कि कंपनी एक्ट के तहत जो भी मदद बनती है वह मिलनी चाहिए। उन्होंने मैजिक चालक के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम करा दिया गया है। मामले में कार्रवाई के लिए तहरीर मिलती है तो प्राथमिकी दर्ज कर जरूरी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।