अनपरा गांव में कोयला उतारे जाने के दौरान उड़ने वाली धूल से नाराज ग्रामीणों ने गुरुवार को प्रदर्शन कर आवाज उठाई। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस को पत्रक सौंपते हुए कहा कि विरोध के बाद भी इस मसले पर संजीदगी नहीं दिखाई जा रही है। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एसओ शोभनाथ यादव ने संबंधित परियोजना प्रबंधन के लोगों से वार्ता करा मामला शांत कराया।
निजी परियोजना प्रबंधन की ओर से गुरुवार की भोर में बाहर से कोयले की रैक मंगाई गई थी। बताते हैं कि कोयला अधिक चूर होने के कारण उतारते समय काफी धूल उड़ने लगी। सुबह पांच बजे के करीब धूल उड़कर बस्ती में पहुंचने लगी। कोयले की धूल के चलते धुंधलका जैसी स्थिति बनती देख ग्रामीण भड़क उठे और परियोजना प्रबंधन पर उदासीनता बरतने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सतीश सिंह, मोतीचंद यादव, सतीश भारती आदि का कहना था कि अक्सर ऐसी स्थिति बन रही है, जिससे ग्रामीणों का रहन-सहन दूभर हो गया है। खबर पाकर मौके पर पहुंचे एसओ को ग्रामीणों ने मांगों से संबंधित पत्रक भी सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि रैक अनलोडिंग के वक्त उड़ने वाली धूल पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई जाए। प्रबंधन के लोगों का कहना था कि कभी-कभी कोयले की रैक में उसका चूरा काफी मात्रा में आ जाता है। इसके चलते यह दिक्कत आती है। कोयले को उतारने में सतर्कता बरतने के आश्वासन पर मामला शांत हो गया।