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Sonebhadra News: सइयां मोरा रे मतवारे... पर झूमे लोग

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डाला श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर में शास्त्रीय संगीत समारोह नृत्य करती कलाकार। स्रोत आयोजक - फोटो : ARchive
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डाला। श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर के 59वें स्थापना दिवस पर आयोजित संगीत समारोह में शास्त्रीय गायन और कथक नृत्य की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। संभाजीनगर से आईं युवा गायिका अदिति कोरटकर किंजवडेकर ने राग पूर्वा में विलंबित खयाल से गायन की शुरुआत की। इसके बाद राग केदार, खमाज और भैरवी की प्रस्तुतियों से श्रोताओं को संगीत की विविधता से परिचित कराया। उनके गायन में उत्तर और दक्षिण भारतीय संगीत परंपराओं का समन्वय देखने को मिला। गायिका ने राग पूर्वा में तीन ताल के विलंबित खयाल ‘अरे मन तू यूं ही यूं ही कर दिन बीते’ और मध्यलय की बंदिश ‘अब कैसे जाऊं, धीट लंगर छेड़त’ प्रस्तुत की। इसके बाद राग केदार में ‘चतुर सुघर बैयां’ और ‘सैंयां मोरा रे मतवारे’ सुनाया। राग खमाज में दादरा, कन्नड़ देवी भजन ‘भाग्यदा लक्ष्मी बारम्मा’, ‘भजो रे भैया, राम गोविंद हरे’ और शिव भजन ‘शिव शिवा एंडोम्मे’ की प्रस्तुतियों ने माहौल भक्तिमय कर दिया। अंत में राग भैरवी में मराठी अभंग ‘अवघा रंग एक झाला’ से गायन का समापन हुआ। ग्वालियर से आईं कथक कलाकार खुशी गुप्ता ने मां दुर्गा की आराधना पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किया। उन्होंने ताल संगम में तीनताल, झपताल और धमार के साथ ठाट, उठान, परन, आमद, टुकड़ा, परमेलू, तिहाई और लड़ी जैसी कथक विधाओं का समन्वय प्रस्तुत किया। मयूर और राधा-कृष्ण की गत ने भी दर्शकों का मन मोह लिया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष महंत मुरली तिवारी और डाला नगर पंचायत अध्यक्ष फूलवंती देवी सहित अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। समापन पर महंत मुरली तिवारी और सदर विधायक भूपेश चौबे ने कलाकारों को सम्मानित किया। मंच संचालन रुद्राक्षी और किरण तिवारी ने किया। फाउंडेशन के सचिव चंद्रप्रकाश तिवारी ने धन्यवाद दिया। माैके पर राजेश द्विवेदी, डॉ. शुभा जेएन तिवारी, नीरज पाठक, सुरेश सिंह, राजवंश चौबे, शशि चौबे, धीरेंद्र सिंह पटेल आदि मौजूद रहे।
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