सोनभद्र । नगवां ब्लाक के नगांव ग्राम पंचायत में बगैर कार्य कराए भुगतान और कार्यों-मजदूरी भुगतान में बरती गई गड़बड़ी की जांच शुरू हो गई है। अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेते हुए डीपीआरओ की तरफ से एडीपीआरओ तकनीकी की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम को जल्द मामले की जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
नगवां ब्लाॅक के नगांव ग्राम पंचायत के तीनों राजस्व गांवों में बड़े स्तर पर घपलेबाजी के आरोप लगाए गए थे। खुली बैठक में ग्राम पंचायत सदस्यों-ग्रामीणों की तरफ से दावा किया गया था कि कन्हौरा में श्याममूर्ति के घर के पास चबूतरा बने बगैर एक लाख 33 हजार 460 का भुगतान ले लिया गया। गांव में कई जगह स्ट्रीट लाइट भी नहीं लगी और 14 हजार से अधिक की निकसी कर ली गई। कायाकल्प योजना से प्राइमरी स्कूल के सौंदर्यीकरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए की गई खरीद, कराए गए कार्य में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए। आठ सदस्यों की तरफ से बीडीओ को सामूहिक शिकायती पत्र सौंपे जाने की भी बात सामने आई जिसमें दावा किया गया था कि नगपुर ग्राम पंचायत में फूलवंती के खेत से जेसीबी से मिट्टी निकलवाई गई और कागजात में उसे मजदूरों से कार्य दिखाकर भुगतान लिया गया। इसी तरह तीनों गांवों में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए।
प्रकरण का संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। एडीपीआरओ तकनीकी सुमन पटेल की अगुवाई में एडीओ पंचायत और कंसल्टेंट की टीम मामले की जांच करेगी। जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैँ। - नमिता शरण, डीपीआरओ सोनभद्र।