सोनभद्र। जिले का अधिकतम तापमान भी 41 डिग्री को पार कर चुका है। सरकार के निर्देश पर लू के प्रकोप से बचाव के लिए अस्पतालों में मुकम्मल इंतजाम करने का प्रशासन की ओर से दावा किया था। शुक्रवार को स्वशासी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला संयुक्त चिकित्सालय की पड़ताल की गई तो हकीकत दावे के दम को निकालने वाली मिली। अस्पताल के अधिकांश वार्ड के कूलर खराब मिले तो अधिकांश कमरों में एसी भी खराब मिली। गर्मी से निजात के लिए लगा पंखा हिल रहा था। मरीज गर्मी से परेशान हैं।
इमरजेंसी के कूलर और एसी खराब
पड़ताल के दौरान दोपहर 12.40 पर आपातकालीन उपचार कक्ष में लगा एसी बंद मिला। पूछताछ पर पता चला कि एसी पूर्व में चल रहा था, मगर ठंडा नहीं कर रहा था। अब बंद हो गया है। यहां गर्मी में ही चिकित्सक मरीजों का उपचार करते मिले। वहीं 12:45 पर इमरजेंसी वार्ड में लगा कूलर बंद मिला। प्लग बाहर था। स्टाफ ने बताया कि कुछ खराबी के कारण नहीं चल रहा है।
प्रतीक्षालय बेहाल
दोपहर 12: 48 पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों के लिए बने ओपीडी वेटिंग हाल की पड़ताल की गई। यहां कमरा नंबर 4, 6, 7 व 10 के पास लगे सभी पांच एसी खराब मिले। पूछताछ में पता चला कि यह महीनों से खराब है। यहां पंखे भी धीरे-धीरे चलते मिले। ऐसे में मरीज और तीमारदार गर्मी से बेबस नजर आए।
ठंड में लगी थी एसी अब तक चली ही नहीं
कमरा नंबर तीन में बच्चों के ओपीडी कक्ष की पड़ताल की तो पता चला कि यहां कुछ माह पहले ठंड में ही एसी लगवाया गया था। हालांकि अब तक खराबी के कारण एसी चल नहीं पा रहा है। वहीं ओपीडी के कक्ष नंबर पांच में लगा एसी भी खराब मिला। इसके साथ ही नाक-कान-गला विभाग में भी लगा एसी खराब मिला, जबकि पंखा धीमे चलता मिला। कई अन्य चिकित्सकों के कक्ष का भी यहीं हाल रहा।
बर्न यूनिट चली नहीं, बर्न वार्ड के एसी भी खराब
जिले में आग से जलने वालों के उपचार का इंतजाम न के बराबर है। लाखों खर्च कर बने बर्न यूनिट को जिम्मेदार शुरू नहीं करा सके हैं। जिला अस्पताल में एक छोटे कमरे में बर्न वार्ड बनाया गया है। यहां लगे दोनों एसी महने भर से खराब हैं। यहां चार अप्रैल से भर्ती राॅबर्ट्सगंज निवासी मुन्नी (55), पंद्रह दिन से भर्ती महुली निवासी धमेंद्र (27) और डाला निवासी नूर मोहम्मद के परिजनों ने बताया कि एसी खराब है। ऐसे में घाव से राहत नहीं मिल रही है।
कूलर में नहीं भर रहे पानी
जनरल वार्ड के पड़ताल में भी लापरवाही मिली। पड़ताल के दौरान दोपहर एक बजे पुरूषों के जनरल वार्ड का कूलर बंद मिला। पता चला कि कूलर में पानी ही नहीं भरा जाता है। इस कारण कूलर बंद है। यहीं हाल महिलाओं के जनरल वार्ड में भी रहा। पड़ताल के दौरान 1.14 मिनट पर सीटी स्कैन के सामने मौजूद जनरल वार्ड में बेड नंबर दस के पास लगा कूलर बंद मिला। प्लक भी बाहर था। कुछ मरीजों के तीमारदारों ने बताया कि वे दो दिन से आए हैं। तब से कूलर बंद है।
अस्पताल में 12 बेड का हीट वेब वार्ड बनाया गया है। जो पंखे खराब थे, उनकी मरम्मत करा दी गई है। दूसरे चरण में कूलर व एसी की मरम्मत भी कराई जा रही है। हीट वेब से बचाव के लिए सभी जरूरी दवा, आइस पैक सहित अन्य संसाधन उपलब्ध हैं। - डॉ. बी. सागर, अधीक्षक जिला अस्पताल।