सोनभद्र। राबर्ट्सगंज नगर में राबर्ट्सगंज पुनर्गठन पेयजल परियोजना के तहत हर घर जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाई जा रही है। पाइप बिछाने के लिए कई स्थानों पर सड़क पटरियों को खोद कर छोड़ दिया गया है। जहां पटरियों की मरम्मत कराई गई है वे मानक के अनुरूप नहीं हैं। इससे स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। इसको गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने इसकी जांच के लिए डूडा के पीओ की अगुवाई में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। साथ ही जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
पेयजल परियोजना की लागत 96.1 करोड़ रुपये है। इस परियोजना से पाइपलाइन के जरिये रहवासियों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की योजना बनाई गई है। कार्यदायी संस्था जल निगम निर्माण खंड की ओर से पाइप लाइन बिछाने के लिए अंबेडकर नगर, विकास नगर, नई बस्ती, न्यू कॉलोनी समेत अन्य मोहल्ले की सड़कों के किनारे खुदाई कर पाइप लाइन डाल कर ढक दिया गया है, लेकिन मरम्मत नहीं की गई है। जहां मरम्मत की गई है वह भी खराब होने लगी है। बारिश होने पर फिसलन हो जा रही है। स्थानीय लोगों इस समस्या से निजात दिलाने की गुहार लगाई है। डीएम ने डूडा के परियोजना अधिकारी राजेश उपाध्याय, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा प्रखंड के सहायक अभियंता सूर्यप्रकाश और नगर पालिका परिषद राबर्ट्र्सगंज के अवर अभियंता मनीष कुमार की कमेटी गठित की है। यह कमेटी पाइप लाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों, मार्गों के पुननिर्माण कार्य की जांच करेगी। डूडा के पीओ राजेश उपाध्याय ने कहा कि सड़कों के पुननिर्माण एवं खोद कर छोड़ी गई पटरियों की जांच काफी हद तक कर ली गई है।