झांसी की घटना के बाद जिले के अस्पतालों में भी अग्नि सुरक्षा के इंतजामों की पड़ताल शुरू हो गई है। मंगलवार को अग्निशमन विभाग की टीम ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान कई खामियां उजागर हुईं।
एसएनसीयू के पास ही ऑक्सीजन सिलिंडर रखे हुए थे। कई फायर एग्जिट वाले गेट बंद मिले। इसमें तत्काल सुधार को कहा गया। मुख्य अग्निशमन सुरक्षा अधिकारी श्रीराम साहनी के नेतृत्व में टीम ने अस्पताल में अग्निसुरक्षा के इंतजामों की गहन पड़ताल की।
जिला अस्पताल में फायर फाइटिंग के लिए हुई ऑडिट में बताए गए सुझावों को अब तक पूरा नहीं किया गया था। अस्पताल प्रबंधन ने इस बारे में उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजने की जानकारी दी।
अस्पताल का ऑक्सीजन पाइप सिस्टम बंद था। इस कारण ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए एसएनसीयू के पास काफी मात्रा में ऑक्सीजन सिलिंडर रखे मिले। उन्हें तत्काल वहां से हटाकर सुरक्षित रखवाने के निर्देश दिए गए।
फायर एग्जिट के साइनेज बोर्ड लगवाते हुए गेट को नियमित खुला रखने को कहा गया, ताकि आपात स्थिति में इसका उपयोग किया जा सके। निरीक्षण के दौरान सीएमएस डॉ. बी. सागर, डॉ. एसएस पांडेय, डॉ. गणेश आदि मौजूद रहे।