ओवरलोडिंग बंद, वाहनों की लगी कतार
यूपी सरकार ने प्रदेश भर में ओवरलोड वाहनों का संचालन बंद कर दिया है। ओवरलोड बंद होने से गुरुवार को दो सौ से अधिक ओवरलोड ट्रक मारकुंडी-सलखन के बीच वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर खड़े नजर आए। उधर, एआरटीओ भी मारकुंडी में स्थित टोल प्लाजा पर जमे रहे, ताकि कोई ओवरलोड ट्रक न जा सके। हालांकि कुछ स्थानीय नेताओं के ट्रक गुुजरते रहे।
जिले में खनन और परिवहन विभाग के साथ ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से ओवरलोड वाहनों का संचालन जोरों पर हो रहा है। अफसरों और खनन माफियाओं की मिलीभगत से वाहनों पर बालू, गिट्टी की ओवरलोडिंग कर प्रतिमाह लाखों रुपये राजस्व की क्षति पहुंचाई जाती है। ट्रकों पर 20 घन मीटर की जगह 34 घन मीटर बालू और सात सौ फीट गिट्टी की जगह 11 सौ फीट गिट्टी लादी जा रही थी।
इससे प्रतिदिन करीब 36 लाख रुपये राजस्व की क्षति हो रही थी, वहीं ओवरलोड के चलते करीब 12 सौ करोड़ रुपये की बनी सड़क पर चंद माह में ही गड्ढे बनने लगे। इन गड्ढों की वजह से आए दिन सड़क दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। ओवरलोड गिट्टी-बालू लेकर वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग से प्रतिदिन करीब 1800 ट्रक निकलते हैं लेकिन इस पर रोक लगाने को लेकर किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई।
वह भी तब जब मारकुंडी में स्थित टोल प्लाजा से होकर ट्रक गुजरते हैं। यहां लगे सीसीटीवी कैमरे में हर दिन ओवरलोड वाहनों के गुजरने की फोटो कैद होती है लेकिनप्रशासन से लेकर पुलिस और एआरटीओ महकमे ने इस पर अंकुश लगाने को लेकरखास पहल नहीं की। पिछले दिनों अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था और मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री ने इस मामले को संज्ञान में लिया था। इसी के बाद इसको लेकर बैठक हुई थी और ओवरलोड वाहनों के संचालन पर रोक लगाई गई।