शक्तिनगर। प्रदूषण के मामले में पावर प्रबंधन को यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जबाब तलब करने व कार्रवाई के चेतावनी देने से प्रबंधन के अधिकारियों में खलबली मच गई है। मामला शक्तिनगर-कोटा मार्ग के किनारे उद्योग जनित कचरे के निस्तारण से संबंधित है।
क्षेत्र में स्थित पावर प्रोजेक्ट से निकले कचरे का निस्तारण शक्तिनगर-कोटा मुख्य मार्ग के किनारे लंबे समय से किया जा रहा है। इस निमित्त कई शिकायतों व आग्रह के बाद भी प्रबंधन के अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाया। इसके बाद कोटा के रहवासी व समाजसेवी आशीष चौबे ने पूरे प्रकरण की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर किया। इस शिकायत के बाद क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी राधेश्याम ने संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण कराया। निरीक्षण में शिकायत की पुष्टि होने के बाद क्षेत्रीय अधिकारी ने एनटीपीसी शक्तिनगर को नोटिस जारी कर 15 दिनों के अंदर आख्या तलब कर लिया है। नोटिस में कहा गया है कि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कोटा-ज्वालामुखी मार्ग पर उद्योग जनित कोल मील रिजेक्ट, बॉब्म एश, इंसुलेटिंग मैटेरियल व डोमेस्टिक वेस्ट को सड़क के दोनों किनारों पर डंप किया गया है। इस उद्योग जनित डस्ट व कचरे से जनसामान्य पर प्रदूषण का प्रतिकूल प्रभाव पडने की संभावना है। इस लिए निर्देश दिया जाता है कि उद्योग जनित कचरे को वैज्ञानिक ढंग से सुरक्षित स्थान पर निस्तारित किया जाय और शेष कचरे को मिट्टी से ढक कर 15 दिनों में अनुपालन आख्या पेश की नहीं तो पर्यावरण अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस चेतावनी के बाद पावर प्रबंधन के अधिकारियों में खलबली मच गई है।