ओबरा। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा में मंगलवार को छात्र छात्राओं ने बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीन लगाने का विरोध करते हुए धरना दिया। कई घंटे तक चला धरना प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार के आश्वासन पर समाप्त हुआ।
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति सुनिश्चित करने और बाहरियों के प्रवेश पर अंकुश लगाने के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू करने की तैयारी चल रही है। इससे नाराज छात्र मंगलवार को दोपहर बाद धरने पर बैठ गए। छात्र मुकेश यादव, हरिओम यादव, शुभम गुप्ता, आदर्श गुप्ता, विकांक रंजन, पूजा यादव, प्रिया पांडेय, अर्चिता, कशिश आदि ने आरोप लगाया कि महाविद्यालय में प्रवक्ता आने के बावजूद कक्षाओं में पढ़ाने नहीं आते हैं। शिकायत करने पर प्राचार्य कोई कार्रवाई नहीं करते हैं।
पुस्तकालय में पुस्तकें भी समय से नहीं मिलती। छात्रों ने कॉलेज में वाई-फाई लगाने, हॉस्टल की मरम्मत कराने और कक्षाओं की नियमित साफ सफाई की मांग की। छात्र नेताओं ने कहा कि महाविद्यालय प्रशासन छात्र-छात्राओं के उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीन लगा रहा है। यहां काफी दूर दराज से गरीब आदिवासी बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। उनके लिए रोजाना आकर पढ़ाई कर पाना संभव नहीं होता है। परीक्षा में बैठने के लिए 75 प्रतिशत हाजिरी अनिवार्य किया गया है।
बायोमेट्रिक मशीन लग जाने से जो बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर हैं, वो प्रतिदिन महाविद्यालय नहीं आ पा रहे हैं। ऐसे में उनको परीक्षा में बैठने के लिए अनुमति नहीं मिल पाएगी। इस दौरान ओबरा कस्बा चौकी इंचार्ज अमित त्रिपाठी मौजूद रहे।