सीएचसी घोरावल के मुख्य गेट पर ही नवजात बालिका को जन्म देने और फिर नवजात की मौत के मामले में मंगलवार को एंबुलेंस के चालक रामअवध चौरसिया और इमरजेंसी तकनीशियन को निलंबित कर दिया गया है। जिला अस्पताल के सीएमएस डा. गणेश प्रसाद बालिका के मौत की जांच कर रहे हैं।
घोरावल कोतवाली क्षेत्र के दीवा गांव निवासी रामअवध की पत्नी संगीता को रविवार को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवार वालों अस्पताल ले जाने के लिए कई बार 108 और 102 नंबर एंबुलेंस को फोन करते रहे मगर कोई रिस्पांस नहीं मिला। परिवार वालों का आरोप है कि फोन करने पर चालक बार-बार घर का लोकेशन पूछता रहा। एंबुलेंस के न पहुंचने पर परिवार वाले संगीता को आटो से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोरावल ले आए। यहां उतारते वक्त महिला ने बालिका को जन्म दिया।
जानकारी होने पर स्वास्थ्य कर्मी जच्चा-बच्चा को लेकर अंदर ले गए। लेकिन बालिका की मौत हो चुकी थी। डीएम सीबी सिंह ने जिला संयुक्त चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. गणेश प्रसाद को प्रकरण की जांच कर तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। सीएमएस ने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
उधर 102 और 108 एंबुलेंस के जिला प्रभारी आशीष चौबे ने बताया कि सूचना मिलने के बाद भी समय से प्रसूता को अस्पताल न ले जाने के आरोप मेें 102 एंबुलेंस के चालक रामअवध चौरसिया और इमरजेंसी तकनीशियन विनय कुमार को निलंबित कर दिया गया है।