बिजली निगम के अधिकारी-कर्मचारियों की मनमानी पर शिकंजा कसने लगा है। देर से दफ्तर पहुंचने और जल्दी चले जाने वालों की अब नई व्यवस्था में मुश्किलें बढ़ेंगी। अधिकारियों-कर्मचारियों की हाजिरी फेस रीडिंग के माध्यम से लगेगी। इसके लिए सभी का ब्योरा दर्ज किया जा रहा है।
ड्यूटी स्थल की जियो टैगिंग भी होगी। हालांकि इस नई व्यवस्था से उन कर्मचारियों के लिए समस्या बढ़ेगी, जिनकी ड्यूटी नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में हैं। अब अपनी उपस्थिति दर्ज करने को लेकर चिंतित हैं।
बिजली बिल की त्रुटियों को दूर कराने, नए कनेक्शन सहित अन्य कार्यों को लेकर रोजाना उपभोक्ता बिजली निगम के कार्यालय पहुंच रहे हैं। इस दौरान अफसरों के दफ्तर में न होने या देर से आने की शिकायतें मिल रही हैं। फिल्ड भ्रमण के नाम पर भी कर्मचारी-अधिकारी देर से कार्यालय पहुंचते हैं।
ऐसे में उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार करना पड़ता है या कई दिन तक चक्कर काटने पड़ते हैं। मनमानी पर शिकंजा कसने के लिए निगम अब ऑनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था लागू कर रहा है। उन्हें फेस रीडिंग के माध्यम से हाजिरी लगानी होगी। खास बात है कि यह हाजिरी तब लगेगी जब मोबाइल कार्य स्थल के रेंज में रहेगा।
दूर रहने पर फेस रीडिंग नहीं लेगा। मोबाइल पर ही लोकेशन रहेगा। इसके लिए सभी कर्मचारियों का डेटा व फोटो एप पर अपलोड किया जा रहा है। यह कार्य ओएसिस कंपनी कर रही है। यह प्रक्रिया ऊर्जा जनशक्ति एप पर की जा रही है।
जिले में 54 गांवों में नेटवर्क नहीं
जिले में 54 गांवों में कोई नेटवर्क नहीं है। यहां राशन के लिए भी अंगूठा लगाने उपभोक्ताओं को दूर जाना पड़ता है। इसके अलावा तमाम गांवों में सिग्नल काफी कमजोर है। वहां मोबाइल से बस बातचीत हो पाती है। इंटरनेट का उपयोग नहीं हो पाता। इन गांवों में ही कई उपकेंद्र हैं। कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगती है। इन कर्मचारियों के लिए समय से फेस रीडिंग के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने में मुश्किल बढ़ेगी।
फेस रीडिंग के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए सभी कर्मचारियों का ब्योरा फीड कर दिया गया है। प्रशिक्षण भी दिया गया है। नेटवर्क के चलते जहां भी दिक्कत आ रही है, उसका भी समाधान कराया जाएगा।
-एके सिंह, एक्सईएन, बिजली निगम रॉबर्ट्सगंज डिविजन।