कनहर सिंचाई परियोजना निर्माण स्थल पर पुलिस और विस्थापितों के बीच हुए संघर्ष के बाद शाम को स्थिति कुछ हद तक बदल गई।
क्षेत्र के कुदरी गांव स्थित सामुदायिक भवन पर दोनों पक्षों की करीब दो घंटे बैठक हुई। इसमें निर्माण कार्य शुरू कराने पर सहमति बनी। विस्थापितों ने 20 सूत्री मांगपत्र डीएम को सौंपा है।
कनहर निर्माण को लेकर प्रशासन की बढ़ती सख्ती के बाद विस्थापितों ने वार्ता का रुख अख्तियार कर लिया। शनिवार को दोपहर बाद करीब तीन बजे कुछ सपा नेताओं की पहल पर विस्थापितों ने प्रशासन से सीधी वार्ता का निर्णय लिया।
इसके बाद डीएम संजय कुमार, एसपी शिवशंकर यादव कई अधिकारियों और फोर्स के साथ कुदरी गांव स्थित सामुदायिक भवन पर पहुंचे।
यहां विस्थापितों ने डीएम से विभिन्न मुद्दों पर खुली वार्ता की और उन्हें 20 सूत्री मांग पत्र दिया। इसमेें विस्थापितों ने दर्ज किए गए मुकदमे वापस लेने, दो एकड़ जमीन और 15 लाख रुपये देने, गायब विस्थापितों को सामने लाने, गिरफ्तार लोगों को बिना शर्त रिहा करने समेत कई मुद्दे उठाए।
डीएम संजय कुमार ने बताया कि उन्होंने विस्थापितों को उनकी समस्या का हर हाल में निस्तारण का आश्वासन दिया है। उन्हें माडल कालोनी स्थापित कर सभी सुविधाएं मुहैया कराने का भरोसा भी दिलाया है।
कहा कि उनकी मांगों को सीएम के समक्ष रखा जाएगा और उनके निस्तारण की भरपूर कोशिश की जाएगी। उन्हें लाभार्थीपरक योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
बच्चों के लिए प्ले ग्राउंड, पानी और सड़क के साथ बिजली की व्यवस्था भी की जाएगी। विस्थापितों की ओर से वार्ता में हाजी इश्तियाक, इस्लाउद्दीन, चंद्रमणि, विश्वनाथ, रामआधार आदि शामिल रहे।