भारतीय सामाजिक न्याय मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को किसानों की समस्या को लेकर सदर तहसील में प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का संयुक्त रूप से पुतला फूंका।
आरोप लगाया कि दोनों सरकारें पूंजीपतियों की हितैषी हैं। उनका किसानों से कोई सरोकार नहीं है। प्रदर्शन के बाद हुई सभा में राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी यशवंत सिंह ने कहा कि पूंजीपति और कारपोरेट घरानों के इशारे पर केंद्र और प्रदेश की सरकारें चल रही हैं।
दोनों सरकारें किसानों, मजदूरों और आदिवासियों की जमीन को नए भूमि अधिग्रहण के जरिए छीनकर पूंजीवादी कारपोरेट घरानों को सौंपना शुरू कर दिया है।
पूरे देश का किसान बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से तबाह और बर्बाद हो चुका है। राष्ट्रीय संयोजक रामकृष्ण पाठक ने कहा कि देश में 65 प्रतिशत से अधिक जनता कृषि पर आधारित है
लेकिन अब तक इसे उद्योग का दर्जा नहीं दिया जा सका है। प्रवक्ता पंकज यादव ने किसानों को सूखा राहत एवं बीमा का पैसा अविलंब देने आदि की मांग की। इस मौके पर अर्जुन चौहान, फतेह मोहम्मद, लक्षनधारी पाल, लवकुश केशरी, चंदलाल आदि रहे।