सोनभद्र। आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम किए बगैर प्राइवेट अस्पताल, होटल एवं रेस्टोरेंट संचालित करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। राबर्ट्सगंज, घोरावल और ओबरा में बिना एनओसी के संचालित छह बड़े प्राइवेट अस्पताल एवं दर्जन भर से अधिक होटल को चिह्नित करते हुए नोटिस जारी की गई है। आग से बचाव के इंतजाम नहीं हुए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महाराष्ट्र के भंडारा जिले में दो माह पहले एक अस्पताल में अगलगी की घटना हुई थी। इस अगलगी की घटना में 10 बच्चों की मौत हो गई थी। इस घटना के मद्देनजर प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी एवं प्राइवेट अस्पतालों में आग से बचाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम के लिए निर्देश जारी किया गया है। जिले में भी कई प्राइवेट अस्पताल और होटल आग से बचाव के इंतजाम किए बगैर संचालित हो रहे है। ऐसे छह प्राइवेट अस्पताल एवं कई होटल चिह्नित करते हुए प्रशासन की तरफ से शनिवार को नोटिस जारी किया गया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ब्रह्मानंद दुबे ने बताया कि राबर्ट्सगंज एवं आसपास के क्षेत्र में संचालित पांच बड़े प्राइवेट अस्पताल और घोरावल क्षेत्र में संचालित एक प्राइवेट अस्पताल संचालक को नोटिस जारी की गई है। इन अस्पतालों में आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। इसी तरह राबर्ट्सगंज और ओबरा में बिना एनओसी के संचालित 10 होटल संचालकों को नोटिस जारी की गई है। बताया कि बिना एनओसी के संचालित हो रहे अन्य होटल संचालकों के खिलाफ जल्द नोटिस जारी की जाएगी।
महज चार होटल संचालक ने ली है एनओसी
सोनभद्र। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ब्रह्मानंद दुबे ने बताया कि जिले में छोटे-बड़े करीब दो दर्जन होटल संचालित हो रहे हैं। इनमें महज चार होटल संचालक एनओसी लिए है। राबर्ट्सगंज में दो और ओबरा में दो होटल में आग से बचाव के इंतजाम है। दो दिन पहले एक पूर्व विधायक की ओर से एनओसी के लिए आवेदन किया गया है। शेष होटल बिना एनओसी के संचालित हो रहे है।