खदान हादसे की जांच में जुटी एसआईटी ने अब तक 10 लोगों की संलिप्तता पकड़ी है। इसमें खदान मालिक, पार्टनर, पेटीदार समेत अन्य शामिल हैं। खदान मैनेजर सहित चार आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। बाकी छह की गिरफ्तारी के लिए अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। इनमें खदान मालिक, उनके पार्टनर और चार पेटीदार शामिल हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हुई हैं।
ओबरा थाना क्षेत्र के बिल्ली-मारकुंडी में 15 नवंबर को खदान हादसा हुआ था। राहत कार्य पूरा होने के बाद प्रकरण की त्वरित जांच और हादसे के जिम्मेदारों की गिरफ्तारी के लिए एसपी अभिषेक वर्मा ने विशेष जांच टीम गठित की थी। अब मामले में खदान मालिक मधुसूदन सिंह, पार्टनर दिलीप केसरी के अलावा पेटीदार रवि सोनी, राहुल तिवारी, मुस्तफा सिद्दीकी और विशाल गोंड का नाम सामने आया है।
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और मिली जानकारी से न्यायालय को अवगत कराते हुए फरारी काट रहे सभी छह के खिलाफ गैर जमानती वारंट हासिल कर लिया गया है। जांच टीम की अगुवाई कर रहे क्षेत्राधिकारी ओबरा हर्ष पांडेय ने बताया कि मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी लगी है।
क्या बोले अधिकारी
एसआईटी खदान हादसे से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है। इसमें जो भी शामिल हैं, सभी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अब तक चार गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जांच में छह और नाम सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए एसआईटी ने गैर जमानती वारंट हासिल कर लिया है।
-अनिल कुमार, एएसपी मुख्यालय