सोनभद्र। जिले में कोरोना की रोकथाम और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार के लिए शासन से नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए श्रमायुक्त मोहम्मद सोमवार को सजौर, नई बाजार, सेमर, चतरा, तरावा, रामगढ़ बाजार, सिल्थम, पटना आदि गांवों का जायजा लिया। इसके बाद वे वन रेंज आफिस पटना पहुंचे लेकिन वन रेंज आफिस बंद मिला। यहीं उन्होंने पटना ग्राम पंचायत में कोरोना से बचाव के लिए चल रहे कार्यों की जानकारी ली। नोडल अधिकारी ने निर्देश दिया कि बीडीओ के जरिये एक सप्ताह के अंदर सभी घरों की रिपोर्ट भेजने की व्यवस्था की जाए।
नोडल अधिकारी ने पटना ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी, आशा, आंगनबाड़ी, लेखपाल तथा ग्राम प्रधान को तलब किया और ग्राम निगरानी समिति के कार्यों के गुणवत्ता का परखी। उन्होंने ग्राम निगरानी समिति की ओर से किए गए कार्यों के अभिलेखों को तलब किया। यह पाया कि ग्राम निगरानी समिति कोरोना संक्रमण रोकने के लिए जानकारी लेने के साथ ही बचाव के लिए लोगों को जागरूक कर रही है। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान बाहर से आने वाले लोगों की सूची मंगाई और उनके स्वास्थ्य परीक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जाना। कहा कि शासनादेश का अक्षरश: पालन कराया जाय। 60 वर्ष से अधिक के लोगों पर विशेष ध्यान दिया जाय। बीडीओ को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के अंदर सभी घरों की रिपोर्ट तैयार प्रेषित करें। बीडीओ नियमित रूप से ग्राम निगरानी समितियों के कार्यों को देखें और जरूरत के मुताबिक ऑनलाइन वर्चुअल बैठक करें।
इस दौरान डीएम अभिषेक सिंह ने तहसीलदार सदर टीबी वर्मा, डीडीओ रामबाबू त्रिपाठी, सीएमओ डॉ. नेम सिंह, जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय, डीपीआरओ विशाल सिंह, बीडीओ को निर्देशित किया कि वे कम से कम एक-एक गांव का स्थलीय निरीक्षण करके रिपोर्ट जिले को उपलब्ध कराएं। प्रयास करें कि ग्राम निगरानी समिति हर घर तक पहुंचे और संभावित संक्रमित नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण हर हाल में कराते हुए रिपोर्ट के मुताबिक दवा, इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए।
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नोडल अधिकारी ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए नि:शुल्क टीकाकरण में तेजी लाने और जांच बढ़ाने का निर्देश दिया। कहा कि महिलाओं और बच्चों के उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाय। 102 एंबुलेंस सेवाओं की टाइमिंग का पालन कराया जाय। अंत्योदय व पात्र गृहस्थी के कार्डधारकों को समय से खाद्यान्न मुहैया कराया जाय। पॉजिटिव मरीजों की बेहतर देख-भाल व मेडिकल किट की व्यवस्था कराई जाय। कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन कराया जाय। स्थानीय अस्पतालों में चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ को कोरोना योद्धा के रूप में लगातार सक्रिय रखा जाय। सभी सुविधाएं लोगों को उपलब्ध करायी जाए।