चतरा ब्लॉक के बभनवल गांव में लगे दो ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद से गायब हैं। 10-10 केवीए के इन ट्रांसफार्मरों को मरम्मत के लिए वहां से उतारा गया और फिर वे कहां गए, इसकी जानकारी विभाग के अफसरों के पास भी नहीं। एक साल बीतने के बाद भी उनका पता नहीं चल सका है। गांव के कुछ इलाकों के लोग तब से अब तक अंधेरे में ही रात गुजार रहे हैं।
लोगों को बिजली की सुविधा देने के लिए विद्युतीकरण कराया जा रहा है।
ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं लेकिन इनका कितना लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है, इसकी हकीकत चतरा ब्लॉक के बभनवल गांव में देखी जा सकती है। इस गांव में प्राथमिक विद्यालय और हरिजन बस्ती के पास दस-दस केवीए के दो ट्रांसफार्मर करीब एक साल पहले लगे हुए थे। वर्ष 2015 में अगस्त माह में दोनों ट्रांसफार्मर खराब हो गए। इस पर तत्कालीन जिला पंचायत सदस्य लालवर्ती यादव समेत अन्य लोगों ने इसकी जानकारी विद्युत विभाग को दी।
फिर अगस्त में ही दोनों ट्रांसफार्मर विभाग के कर्मचारी वहां से उतारकर मरम्मत के लिए ले गए। उसके बाद न तो दोनों ट्रांसफार्मर आए और न ही नये ट्रांसफार्मर लगे। एक साल बाद भी स्थिति जस की तस है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। दोनों ट्रांसफार्मर कहां गुम हो गए इसकी किसी को जानकारी नहीं है।पूर्व जिला पंचायत सदस्य लालवर्ती यादव, प्रधान नागेंद्र सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य रामलाल का कहना है कि विद्युत विभाग की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। एक साल से ट्रांसफार्मर कहा है इसकी जानकारी विभाग को नहीं है।
उधर विभाग के जेई विनोद मौर्य का कहना है कि ट्रांसफार्मर गायब होने का मामला उनके संज्ञान में है। वे पता लगा रहे हैं कि आखिरकार गांव से उतारकर ट्रांसफार्मर स्टोर तक पहुंचा भी की नहीं।