अनपरा। ऊर्जांचल में विकराल रुप ले चुके प्रदूषण पर एनजीटी की ओवर साइट कमेटीे ने सख्त रूप अख्तियार करते हुए सोनभद्र व सिंगरौली के जिलाधिकारी को डीएमएफ (जिला खनिज न्यास)व सीएसआर (सामाजिक नैगमिक दायित्व)के मद पर बिना अनुमति के खर्च न करने का निर्देश दिया।
गंभीर प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों मे प्रदूषण नियत्रंण शुद्ध पेयजल,आधारभूत संरचनाओं सड़क के निर्माण, चिकित्सा, पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर डीएमएफ के साथ-साथ सीएसआर आदि कार्यक्रमों को संचालित किया जा रहा है लेकिन उक्त मद को मनमाने तरीके से गैर प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों में और योजनाओं के विपरीत खर्च किये जाने पर ओवर साइट कमेटी के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति राजेश कुमार ने इसे गंभीरता से लेते हुये जिलाधिकारी सोनभद्र-सिंगरौली को निर्देशित किया है कि डीएमएफ और सीएसआर के साथ-साथ संचालित अन्य योजनाएं जो प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों के बाबत हैं उनके मदो के अभी तक किये गये उपयोग का विवरण दिया जाये। तथा डीएमएफ व सीएसआर के मद की राशि बगैर ओवरसाइट कमेटी के अनुमति के खर्च न किया जाये। ओवर साइट कमेटी की सक्रियता व उनके द्वारा जारी दिशा-निर्देश ने जहा औद्योगिक संस्थाओ की मुश्किले बढ़ा दी है वहीं दूसरी ओर अब तक कागजों पर प्रदूषण नियंत्रण की कवायद कर रही जिला प्रशासन सोनभद्र और सिंगरौली की मुश्किलें बढ़ा दी है। सामाजिक कार्यकर्ता पंकज मिश्रा ने ओवर साइट कमेटी के सख्त रुख पर हर्ष जताते हुए कहा कि प्रदूषण से प्रभावित सोनभद्र सिंगरौली की लगभग 50 लाख आबादी मे जो प्रदूषण की मार झेल रही उसे अब आबोहवा बदलने की उम्मीद जगी है।
औद्योगिक संस्थानों को ओवरसाइट कमेटी ने दी कड़ी हिदायत
अनपरा। सोनभद्र व सिंगरौली के गंभीर प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों मे प्रदूषण नियंत्रण के बाबत एनजीटी द्वारा पारित आदेश तथा उसके द्वारा गठित कोर कमेटी की अनुशंसा के प्रभावी व समयबद्ध अनुपालन के लिये उच्च न्यायालय इलाहाबाद के सेवानिविृत्त न्यायमूर्ति राजेश कुमार की अध्यक्षता मे एक ओवरसाइट कमेटी गठन किया था जिसमे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित दोनों जिलों के जिलाधिकारियों को सम्मिलित किया तथा मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश को समिति के आवश्यकतानुसार सारे संसाधन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। ओवर साइट कमेटी ने एनजीटी के आदेशों के क्रम मे 23 से 25 अक्टूबर तक गंभीर प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों व प्रदूषण के कारकों उद्योगों व खदानों का सघन निरीक्षण कर प्रदूषण नियंत्रण पर सख्त रुख अपनाते हुये सभी संस्थानों सहित सरकारी अमलों को भी कड़ी हिदायत दी थी। बैठक के बाद चैयरमैन जस्टिस राजेश कुमार, ओवरसाइट कमेटी की तरफ से जारी कार्यवृत्त में सभी विद्युत परियोजनाओं को राख निस्तारण पर विशेष बल देने के साथ-साथ परियोजनाओं की 300 किमी की परिधि में सडक निर्माण कार्यो मे राख का उपयोग किये जाने, एनसीएल की निष्प्रयोज्य खदानों मे राख का भराव किये जाने, रिहंद जलाशय मे उद्योगों द्वारा राख व अन्य औद्योगिक कचड़ा डाले जाने पर नियंत्रण रखे जाने हेतु शोधित जल को छोडे़ जाने वाले जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगाये जाने का निर्देश दिया गया है साथ ही सड़क मार्ग से पूरी तरह से कोयले का परिवहन रोके जाने के लिये अब तक की गयी कार्यवाही की समीक्षा भी की गयी।
शुद्ध पेयजल के लिए जल निगम जिम्मेदार
अनपरा। ओवरसाइट कमेटी ने सोनभद्र के गंभीर प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों में निवासरत आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने मे विफल रहने का जिम्मेवार जलनिगम को बताया है तथा अगली बैठक मे महाप्रबंधक जल निगम को तलब करते हुये पूछा है कि जल निगम गंभीर प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल क्यो नही उपलब्ध करा पा रहा है और गंभीर प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों में निवासरत आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की क्या कार्ययोजना है साथ ही शुद्धपेयजल लोगो का संवैधानिक अधिकार बताते हुये सोनभद्र मे संचालित समस्त उद्योगो को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का निर्देश जारी किया है।
इनसेट
डिबुलगंज चिकित्सालय के बहुरेंगे दिन
अनपरा। एनजीटी की ओवर साइट कमेटी ने अनपरा स्थित डिबुलगंज चिकित्सालय को उच्च सुविधायुक्त अस्पताल बनाये जाने व प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों के विषाक्त तत्वो के जांच हेतु विषाक्त टाक्सीलाजिकल लैब की स्थापना किये जाने का भी निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी सोनभद्र ने कमेटी को अवगत कराया है कि अनपरा स्थित डिबुलगंज चिकित्सालय को हेरिटेज रूप को देने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है साथ ही साथ कमेटी ने औद्योगिक संस्थाओं को उनके अस्पतालो मे आम लोगों को भी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने व जिलाधिकारी सोनभद्र द्वारा तय शेड्यूल के अनुसार मेडिकल कैम्प आयोजित करने का निर्देश दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता पंकज मिश्रा की ओर से औडी-शक्तिनगर मार्ग के दोनो ओर स्थित आबादी को सड़क दुर्घटना व प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से अंतर ग्रामीण वैकल्पिक मार्ग बनाये जाने की मांग पर जिलाधिकारी सोनभद्र को निर्देश दिया गया है।