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एनसीएल मशीनों पर खर्च करेगी 3000 करोड़

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शक्तिनगर। कोयला क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) आधुनिक तकनीक व भारी मशीनों पर तीन हजार करोड़ रुपए खर्च करने की योजना तैयार किया है। इसके पीछे साल 2024 तक एक बिलियन टन का लक्ष्य हासिल करना है।
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बताते चलें कि कोयला आयात को बंद कर देश की पूंजी को संरक्षित करने एवं देश को कोयला के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उदेश्य से कोयला मंत्रालय द्वारा कोल इंडिया लिमिटेड को वित्तीय वर्ष 2023-24 तक एक बिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य दिया है। इस वृहद लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कोल इंडिया कोयला खदानों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने, कोयला निकासी की अत्याधुनिक तकनीकी के विकास, परियोजना विस्तार, नए स्थानों पर कोयले की खोज, स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकी के विकास, दक्ष श्रमशक्ति की भर्ती, कर्मचारी कल्याण व कर्मियों को आधुनिकतम स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने इत्यादि से जुड़ी लगभग 500 परियोजनाओं में 1.22 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश कर रही है। इस क्रम में भारत सरकार की मिनीरत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफमील्ड्स लिमिटेड की योजना वर्ष 23-24 तक करीब 130 मिलियन टन कोयला उत्पादन करने का है। एनसीएल एक उच्च मशीनीकृत कोयला कंपनी है जो ऊर्जा संरक्षा के लिए वर्ष 2023-24 तक उत्पादन व प्रेषण के बढ़े हुए लक्ष्यों की पूर्ति के लिए मशीनों की व्यापक खरीददारी एवं उनके तकनीकी उन्नयन व नवीकरण पर विशेष बल दे रही है। एनसीएल के परवक्ता राम विजय सिंह ने बताया कि योजना के तहत एनसीएल 190 टन के 84 डंपर, 850 एचपी के 13 डोजर, हाइड्रोलिक शोवेल इत्यादि का क्रय कर रही है। इसकेे साथ टायर डिसमेंटलर, ट्रांसफोर्मर , पंप, लाइटिंग टावर इत्यादि का क्रय भी कार्ययोजना में शामिल किया गया है। इन सभी अत्याधुनिक मशीनों के क्रय, नवीकरण व उन्नयन पर एनसीएल ने लगभग तीन हजार करोड़ खर्च करने की योजना तैयार की है। प्रवक्ता ने बताया कि देश की ऊर्जा संरक्षा के दायित्व को पूरा करने के लिए एनसीएल वर्ष 2023-24 तक कुल 7000 करोड़ रुपए के निवेश की कार्ययोजना पर कार्य कर रही है। जिसमें 3000 करोड़ मशीनों पर खर्च किया जाएगा। इस निवेश के माध्यम से उन्नत मशीनों के क्रय, खदानों में नवीनतम तकनीक के उपयोग, मशीनीकृत व्हार्फवाल के निर्माण, उन्नत कोयला हैंडलिंग संयंत्रों के निर्माण, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने , परियोजनाओं के विस्तार तथा उन्नत चिकित्सा सुविधाओं को उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य होगें। बताते चलें कि एनसीएल में कुल 1200 से अधिक भारी मशीनों का बेड़ा है जिनकी मदद से वर्ष 2019-20 में एनसीएल ने
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