नवरात्र की शुरुआत 30 मार्च से होगी। इस बार नवरात्र आठ दिनों का होगा। मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी। मां की भव्य अगवानी के लिए श्रद्धालु तैयारियों में जुट गए हैं। देवी मंदिरों की साफ-सफाई व सजावट का कार्य जोरों पर है। घरों में भी कलश स्थापना के लिए पूजन सामग्री सहित अन्य सामान जुटाए जाने लगे हैं।
नवरात्र शक्ति की आराधना का विशेष काल है। नौ दिनों तक भक्त मां दुर्गा के विविध रूपों की पूजा करते हैं। मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रहती है। विभिन्न प्रकार के अनुष्ठान भी किए जाते हैं। नगर के मां शीतला मंदिर, कड़े शीतला माता मंदिर, दक्षिणेश्वर काली मंदिर सहित अन्य मंदिरों में नवरात्र तैयारी जोरों पर है।
बाजार में नारियल-चुनरी, कलश, दीपक व पूजन सामग्री की दुकानें सज गई हैं। इस पर खरीदारों की भीड़ लग रही है। कलश कई प्रकार के हैं। छोटे से बड़े दीपक और जौ की भी मांग है। नवरात्रि में पूजन सामग्रियों के साथ पीतल पूजन सामग्री की बिक्री तेज हुई है।
बाजार सज गए हैं। ज्योतिषाचार्य एसएन तिवारी ने बताया कि चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 29 मार्च को शाम 4 बजकर 27 मिनट से होगी और तिथि का समापन 30 मार्च को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर होगा।
उदयातिथि के अनुसार नवरात्र 30 मार्च से ही माना जाएगा। कलश स्थापना प्रतिपदा तिथि पर्यंत किया जाएगा। महाअष्टमी का व्रत पांच अप्रैल शनिवार को रखा जाएगा। संपूर्ण नवरात्र व्रत रहने वालों का पारण सात अप्रैल सोमवार की सुबह करेंगे। नवरात्र में हिंदू नव वर्ष के राजा और मंत्री सूर्य हैं। यह शुभ संयोग 10 साल बाद बन रहा है।
उधर, डाला स्थित वैष्णो देवी मंदिर में भी नवरात्र की तैयारी जारी है। मंदिर के आयोजक अग्रवाल धर्माथ सेवा समिति के सचिव राहुल गोयल ने बताया कि नवरात्र के अवसर पर मां का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चन, हवन, आरती नौ दिन श्रद्धा पूर्वक चलेगा। श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए पूरी व्यवस्था रहेगी। नवमी के दिन भव्य भंडारे का आयोजन होगा।