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Sonebhadra News: 22 साल बाद सुलझा नौगढ़-विजयगढ़ सीमा का सड़क विवाद

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नौगढ़-विजयगढ़ की सीमा पर विवाद सुलझने के बाद किया गया रास्ते का निर्माण। - जागरूक पाठक - फोटो : samvad
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सोनभद्र और चंदौली जिले की सीमा पर नौगढ़-विजयगढ़ मार्ग का 22 वर्ष पुराना विवाद आखिरकार सुलझ गया। एक परिवार के विरोध के कारण दो जिलों को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण वर्षों से अधूरा पड़ा था। एसडीएम सदर अश्वनी कुमार की पहल और करीब 15 दिन की लगातार कोशिशों के बाद विवाद का समाधान हो गया। इसके बाद क्रिटिकल गैप योजना से अधूरे पड़े लगभग 50 मीटर मार्ग का निर्माण भी पूरा करा दिया गया। इससे करीब 10 हजार की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। नगवां क्षेत्र के मझुई गांव से होकर गुजरने वाले इस मार्ग का निर्माण वर्ष 2004 से विवाद में फंसा था। कई बार प्रशासनिक स्तर पर समाधान का प्रयास हुआ, लेकिन हर बार मामला किसी न किसी कारण से अटक गया। वर्ष 2022 और 2023 में तत्कालीन नायब तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल की टीम ने पैमाइश कर विवाद सुलझाने का प्रयास किया था। उस समय भी संबंधित स्थल के सरकारी भूमि पर होने की पुष्टि हुई, लेकिन एक परिवार के विरोध के कारण निर्माण शुरू नहीं हो सका।
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बाद में क्षेत्र पंचायत ने क्रिटिकल गैप योजना के तहत सड़क निर्माण का ठेका दिया। निर्माण सामग्री मौके पर पहुंचने के बाद भी कार्य दोबारा रुकवा दिया गया। 29 जून को ठेकेदार ने एसडीएम सदर से शिकायत की। इसके बाद एसडीएम ने राजस्व अभिलेखों की जांच कराई और पूर्व की पैमाइश रिपोर्ट के आधार पर स्थल को सरकारी भूमि पाया। उन्होंने रायपुर थाना पुलिस के सहयोग से मौके का निरीक्षण किया और संबंधित परिवार से वार्ता की। लगातार 15 दिन के प्रयासों के बाद सहमति बनी और सड़क का शेष निर्माण पूरा करा दिया गया।

कई गांवों को मिलेगी राहत
मार्ग बनने से नगवां ब्लॉक के मझुई, सिकरपुर, साड़सोत, बनबहुआर और झड़पी-झडंपा गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही बिहार सीमा से लगे क्षेत्र के लोगों के लिए चंदौली के चकरघट्टा और नौगढ़ तक पहुंचना आसान होगा। यह मार्ग दोनों जिलों के बीच आवागमन का एक सुविधाजनक और शॉर्टकट विकल्प भी बनेगा।
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वर्जन
सिर्फ एक परिवार के विरोध के कारण यह मामला 22 वर्षों से लंबित था। पहले भी कई बार समाधान का प्रयास हुआ, लेकिन तकनीकी कारणों से सफलता नहीं मिल सकी। इस बार विभागीय स्तर पर अभिलेखों की जांच के साथ संबंधित परिवार से लगातार वार्ता की गई। उन्हें सड़क निर्माण से होने वाले लाभ और भूमि की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया गया। करीब 15 दिन की मशक्कत के बाद विवाद का समाधान हो गया। — अश्वनी कुमार, एसडीएम सदर।
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