चतरा ब्लॉक के गौतम बुद्ध विहार मऊ कला गांव मेें शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ मऊ महोत्सव मनाया गया। इसमें महा मानव बुद्ध के विचारों पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में गैर जिलों और प्रांतों के लोगों ने भी भाग लिया। इस दौरान बौद्ध धर्म के अनुयायियों की भारी भीड़ जुटी रही। मऊ किले पर बौद्ध प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर बौद्धिक विचार गोष्ठी की गई। इस दौरान मेला भी लगा था।
मुख्य अतिथि सारनाथ से पधारे पूज्य भंते पी शिवली ने कहा कि पूरी दुनिया मेें सुखमय, शांतिमय, समृद्धि मय जीवन के लिए तथागत बुद्ध के रास्ते का अनुकरण करना जरूरी है।
संसार में दुख है तो उसका कारण है और इसके निवारण का मार्ग भी है जो पंचशील व आष्टंागिक मार्ग से मिल सकता है। दुखों का नाश कर जीवन को खुशहाल बनाया जा सकता है। विशिष्ट अतिथि अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध संस्थान के पूज्य भंते चंद्रिमा ने कहा कि महा मानव बुद्ध का रास्ता वैज्ञानिक रास्ता है, इसमें अन्य विश्वास के लिए कोई जगह नहीं है।
कहा कि किसी बात को इसलिए मत मान लिजिए कि मोटी-मोटी पुस्तक में लिखा है या परंपरा से मानते चले आ रहे हैं। प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री राकेश कुमार ने कहा कि अपना दीपक बनने का मंत्र तथागत बुद्ध ने दिया है। जब तक आप अपना प्रकाश स्वयं नहीं बनेंगे, तब तक आपके दिमाग का अंधेरा छटने वाला नहीं है।
इस मौके पर संयोजक सुमंत सिंह मौर्य, एलसी मौर्य, आरती सिंह, रानी सिंह, डा. सत्यनारायण मौर्य, अशोक मौर्य, तेज प्रताप मौर्य, बृज बिहारी, कुबेर सिंह, रामनरेश पटेल आदि मौजूद रहे।